फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमोली जल प्रलयः आपदा प्रभावितों के लिए लगाए लंगर, मुसीबत की इस घड़ी में पेश की इंसानियत की मिसाल, तस्वीरें

Sat, 13 Feb 2021 03:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन
विज्ञापन
1 of 5
तपोवन और रैणी गांव में लगाया भंडारा - फोटो : अमर उजाला
आपदा प्रभावित तपोवन और रैणी क्षेत्र में प्रभावितों और अपनों की खोज में आ रहे लोगों के लिए हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के साथ ही विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। 
विज्ञापन

2 of 5
विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से भंडारे का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की ओर से रैणी गांव में तीन दिनों से भंडारा लगाया हुआ है और गोविंदघाट गुरुद्वारे में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के साथ ही करीब 250 लोगों के लिए रात्रि विश्राम और खाने की व्यवस्था भी की जा रही है। गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि तपोवन में भी भंडारा लगाया गया है।
 
विज्ञापन

3 of 5
लोगों के लिए खाने की व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला
सुरंग साइट बड़ागांव गांव के युवाओं ने बाहर से आए लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की है। यूथ कांग्रेस चमोली की ओर से भी रैणी गांव के समीप बीआरओ, सेना के साथ ही पुल निर्माण में लगे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए खाने की व्यवस्था की है। एबीवीपी की ओर से भी तपोवन में चार दिनों से लगातार भोजन बांटने का काम जारी है।

4 of 5
खाने-पीने के साथ ही चाय नाश्ते की भी व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला
एबीवीपी के विभाग संयोजक अमित मिश्रा ने बताया कि ऋषिगंगा की आपदा के बाद से यहां पर रेस्क्यू में लगे जवानों के साथ ही बाहर से आए लोगों के लिए खाने-पीने के साथ ही चाय नाश्ते की भी व्यवस्था की जा रही है। एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने भी तपोवन पहुंचकर इस सेवा कार्य को निरंतर जारी रखने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चमोली आपदा - फोटो : अमर उजाला
इस कार्य में विभाग संगठन मंत्री चैन सिंह रावत, गढ़वाल संयोजक विपिन कंडारी, आयुष हटवाल, नवदीप पंवार, विपिन जोशी, वैभव मिश्रा और अमित ठाकुर आदि मौजूद रहे। बता दें कि विगत सात फरवरी को चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटने से आपदा आई थी। जिसमें 204 लोग लापता हुए हैं। इसमें से फिलहाल 38 शव बरामद हो चुके हैं। ऋषिगंगा नदी में आपदा आए एक सप्ताह का समय बीत चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें