चमोली आपदा
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सुरंग में फंसे तपोवन गांव के 24 वर्षीय अभिषेक की बढ़ी बहन पूजा कहती है कि मेरा भाई सुरंग से बचकर आएगा। सुरंग का मलबा हटाने में देरी नहीं करनी चाहिए और यह कहकर पूजा का गला भर जाता है और वह रोने लगती है। अभिषेक तपोवन परियोजना में इंजीनियर था। आपदा के बाद से उसकी मां पीतांबरी देवी के आंसू नहीं थम रहे हैं। वह चारपाई से उठ भी नहीं पा रही हैं। जबकि पिता ऋषि प्रसाद गुमसुम हैं। 7 फरवरी को आई ऋषि गंगा की जल प्रलय को एक सप्ताह का समय हो गया है, लेकिन सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों को अभी भी अपनों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद है।