आपदा के पांच दिन बाद भी ऋषि गंगा का पानी मटमैला है, जिससे नीती घाटी के लोगों में खौफ बना हुआ है। ऋषि गंगा किनारे ग्रामीणों का जलस्रोत भी बह चुका है। रैणी, जुग्जु और जुवा-ग्वाड़ गांव के करीब 120 परिवार अभी भी अपने घरों में रात बिताने से डर रहे हैं। वह छानियों और टेंटों में ही रात बिता रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि ऋषि गंगा फिर कहर बरपा सकती है।