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चमोली आपदा: ऋषि गंगा के कटाव से खतरे की जद में आया पल्ली रैणी गांव, खौफ में 60 परिवार

Fri, 12 Feb 2021 08:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रैणी (चमोली)
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पल्ली रैणी गांव - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में ऋषि गंगा और धौली गंगा के संगम स्थल के ठीक शीर्ष भाग पर स्थित पल्ली रैणी गांव को नदी के कटाव से खतरा हो गया है। गांव के निचले हिस्से में अब भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। इससे गांव के करीब 60 परिवार खौफ में हैं।
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नदी में मलबा - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ आने से ऋषि गंगा कई मीटर ऊपर तक उफान पर आ गई थी। संगम स्थल पर ऋषि गंगा ने धौली गंगा के प्रवाह को भी रोक दिया था, जिससे पल्ली रैणी गांव के निचले हिस्से में मिट्टी का कटाव हो गया था। अब ग्रामीणों को आशंका है कि बरसात में यहां भूस्खलन बढ़ेगा, जिससे गांव में रहना अब खतरे से खाली नहीं है। 
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मकान में दरार - फोटो : अमर उजाला
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह का कहना है कि पल्ली रैणी के साथ ही समीप के गांव जुग्जु और जुवाग्वाड़ गांव के ग्रामीण डरे, सहमे हैं। बाढ़ के बाद कई मकानों में दरारें भी आ गईं हैं। उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि ऋषि गंगा के रौद्र रूप से खौफ खाए ग्रामीण अब नदी के मुहाने पर झील बनने से डरे हैं।

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चमोली में आपदा के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
ऋषि गंगा में आई बाढ़ के बाद से पैंग गांव में बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। गांव में 35 परिवार रहते हैं। मलारी हाईवे के क्षतिग्रस्त होने से बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, तब से गांव अंधेरे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले मोमबत्ती के सहारे रात काट रहे थे, अब अलाव के सहारे रात बिता रहे हैं। 
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चमोली में आपदा के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति राणा, आशीष राणा और पुष्कर सिंह राणा का कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन अभी तक भी गांव की बिजली बहाल नहीं हुई है। ऊर्जा निगम के ईई कैलाश कुमार ने बताया कि बिजली लाइन सुचारु करने का काम जारी है। जल्द ही गांव में बिजली बहाल कर दी जाएगी। 
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