फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मूसा निकला पेपर लीक का मास्टरमाइंड: कई परीक्षाओं के पेपर लीक कराने वाला शातिर अंडरग्राउंड, अब खुली पूरी कहानी

Sun, 04 Sep 2022 02:42 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
गिरोह का सरगना सैयद सादिक मूसा - फोटो : अमर उजाला
पेपर लीक कराने का असल मास्टरमाइंड आरएमएस सॉल्यूशन कंपनी के मालिक का खास दोस्त सैयद सादिक मूसा निकला। उसकी तलाश में एसटीएफ लगातार दबिश दे रही है। मगर वह अंडरग्राउंड हो गया है। उसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि उसने कंपनी के मालिक के साथ मिलकर वर्ष 2015 से अब तक दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक कराए हैं। कंपनी की प्रेस से लीक होकर पेपर पहले मूसा के पास ही पहुंचता था। इसके बाद चेन पर चेन बनती थी। 

पेपर लीक मामले में पिछले दिनों उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान के पकड़े जाने के बाद उसे ही मास्टरमाइंड बताया जा रहा था। मगर, जब उसने राज खोले तो पता चला कि इसका मास्टरमाइंड लखनऊ का रहने वाला सैयद सादिक मूसा है। वह मूल रूप से अंबेडकर नगर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि मूसा और कंपनी के डायरेक्टर की मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद उन्होंने इस खेल से मोटा धन कमाने की योजना बनाई। इसके बाद शुरू हुआ पेपर लीक कराने का खेल।

वर्ष 2015 में आयोग के गठन के बाद उत्तराखंड में होने वाली ज्यादातर परीक्षाओं का ठेका आरएमएस कंपनी को दिया जाने लगा। राजेश और मूसा ने बड़े ही शातिराना अंदाज में पहले दरोगा भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट में खेल करना शुरू किया। इसके बाद जब अन्य परीक्षाओं के पेपर की छपाई का काम इस कंपनी के पास आया तो मूसा और राजेश की चांदी हो गई। इन्होंने हाकम, केंद्रपाल और अन्य दलालों के साथ मिलकर अपना पूरा गैंग खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि इन दोनों का अन्य राज्यों में भी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने में हाथ है।
विज्ञापन

2 of 5
सैयद सादिक मूसा - फोटो : अमर उजाला
मूसा की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश में भी बड़ा खुलासा होने की संभावना है। इस काम में मूसा का एक अन्य दोस्त योगेश्वर राव भी शामिल है। दोनों ही इस वक्त फरार हैं। उनकी तलाश में लखनऊ, अंबेडकर नगर आदि जिलों में एसटीएफ के 20 लोग दबिश दे रहे हैं। इसी बीच बताया जा रहा है कि मूसा नेपाल भाग गया है। हालांकि, अभी तक एसटीएफ की टीम लखनऊ में भी जमी हुई है।
विज्ञापन

3 of 5
योगेश्वर राव। - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि योगेश्वर और मूसा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी इस मामले में और भी लोग सामने आ सकते हैं। लगातार दबिश जारी है। मूसा ने पेपर लीक के धंधे से अकूत संपत्ति जोड़ ली है। वह इस वक्त सोशल मीडिया पर बनाई जाने वाली रील के लिए शूटिंग भी करता रहता है। इसलिए उसके दोस्त उसे हीरो भी कहते हैं।

4 of 5
एसटीएफ की प्रेस कांफ्रेस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वह लंबे समय से फोन पर नेटवर्क कॉल नहीं करता है। इसके लिए वह वाईफाई डोंगल का सहारा लेकर इंटरनेट कॉलिंग करता है। इंटरनेट डोंगल के उपयोग के कारण दोस्त उसे मिस्टर डूंगल भी कहते हैं। बताया जा रहा है कि उसे घुड़सवारी का भी शौक है। वह देश के कई रेसकोर्स का मेंबर भी बताया जा रहा है। 

ये भी पढ़ें...Paper Leak Case: गिरोह के सरगना मूसा और RMS के मालिक समेत 21 पर गैंगस्टर, ये हैं पेपर लीक मामले के गुनहगार
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हाकम सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मूसा का दोस्त योगेश्वर रावत इंदिरानगर, लखनऊ का रहने वाला है। वह एक इंटरमीडिएट कॉलेज में शिक्षक था। उसने अपनी पत्नी को भी पेपर लीक कराने के बाद नौकरी पर लगवाया था। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में उसकी पत्नी की भर्ती की जांच भी चल रही है। इसी बीच जब योगेश्वर इस धंधे से जुड़ गया और पैसे कमाने लगा तो उसने शिक्षक की नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया। अब वह मूसा के साथ मिलकर इस धंधे में बहुत आगे बढ़ गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें