खेल विभाग ने सुध नहीं ली तो खिलाड़ियों ने खुद ही उठाए फावड़े उठाए और श्रमदान किया और मैदान को सुधारा। श्रमदान करने वालों में ओलंपियन परमजीत सिंह भी शामिल रहे। खिलाड़ियों का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से चुनाव के दौरान खेल मैदान से सैकड़ों वाहनों की आवाजाही करवाई गई, लेकिन चुनाव निपटने के बाद मैदान को उसके हाल पर छोड़ दिया।
चमोली जनपद के एकमात्र खेल मैदान में रेस ट्रैक बदहाल स्थिति में था। जिससे यहां बच्चे दौड़ नहीं पा रहे थे। जिसे देखते हुए विभिन्न खेलों के अभ्यास के लिए मैदान में पहुंचे स्थानीय खिलाड़ियों ने ट्रैक को सुधारने के लिए श्रमदान किया। जिसके बाद यहां जनपद स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता के साथ ही खेल विभाग की ओर से आयोजित की जाने वाली खेल गतिविधियां शुरू करवाई गई।