उत्तरकाशी के मोरी का खूबसूरत नजारा
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सर्दियों की बर्फबारी को हिमालय के ग्लेशियरों के लिए खुराक माना जाता है। लेकिन, इस बार हालात काफी नासाज नजर आए। बीते पांच महीनों से हिमालय क्षेत्र में बर्फ का अकाल पड़ा रहा। ग्लेशियरों पर नई बर्फ नहीं जमीं। हर साल जो पहाड़ियां बर्फ की मोटी परत से सजी रहती थीं वहां भी सूखा नजर आया। विशेषज्ञों ने कहा कि मौसम में हो रहा बदलाव, प्रकृति और पर्यावरण के लिए शुभ नहीं है। जल्द बारिश व बर्फबारी नहीं हुई तो फरवरी पहले सप्ताह से ही हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघलने लग जाएंगे, इससे आने वाले समय में भारी जल संकट पैदा हो सकता है, लेकिन इन दिनों हुई बर्फबारी ने राहत दी।