दो दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी, सुतोल, कनोल, रामणी, पडेरगांव, ल्वाणीं आदि गांवों में खेत-खलियान, सड़क और पैदल रास्ते बर्फ से ढक गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
महिलाएं सूखी लकड़ी और चारापत्ती लेने भी नहीं जा पा रही हैं। रविवार सुबह धूप खिलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से निजात मिली, लेकिन बर्फबारी वाले क्षेत्र अभी शीतलहर की चपेट में हैं। ईराणी गांव के चंदू नेगी का कहना है कि गांव में करीब एक फीट तक बर्फ है।
महिलाएं चारापत्ती लेने भी नहीं जा पा रही हैं।रामणी गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान सूरज पंवार का कहना है कि गांंव के रास्तों पर बर्फ जमा होने से फिसलन बढ़ गई है। नंदानगर-रामणी सड़क पर भी कई जगहों पर बर्फ जमा होने से वाहनों की आवाजाही खतरे के बीच हो रही है।