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फिर बर्फ के आगोश में समाए देवभूमि के 650 से ज्यादा गांव, कई जगह रास्ते बंद, तस्वीरें...

Fri, 17 Jan 2020 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली। दोपहर बाद गढ़वाल और कुमाऊं सभी जगह बर्फबारी हुई। पहाड़ में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। वहीं, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के कई गांव बर्फ के आगोश में हैं। कई जगह रास्ते बंद होने से भी गांव का मुख्य मार्गों से संपर्क कट गया है। 
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- फोटो : अमर उजाला
चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्राम पंचायत तपोवन, पाणा, ईराणी, धार कुमाला, झिंझी, दुर्मी, पगना, बमयाला, मोहन खाल, नेल, नौली, डांडा, परवाणी,  सेंड, चौरुडा मल्ला, बीना . रोहिडा , मजाणी, पज्याणा, घंडियाल, पंचाली, खेता मानमती, तोती हरमल, चैड, गोदिंग, वाण, घैस, भैतरा, बलाण, किमोली, लोहाजंग, धारकोट, सुया, हरमनी, रामपुर, चोटिंग, मुंदोली, सुतोल, कनोल, रामणी, पडेर गांव,भेटी,सुतोल, वादुक गलाणी, लुणतरा, सुंग, ल्वाणी और स्यारी बंगाली गांवों के साथ ही लगभग 85 गांव फिर से बर्फ के आगोश में समा गए हैं। गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी बर्फ से ढक गए हैं, जिससे गांवों का जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। 
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- फोटो : अमर उजाला
बर्फबारी से जिले में पांच सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे दोबारा बर्फ से बंद हो गया है, जबकि मलारी हाईवे भी सुरांईथोटा से आगे बर्फ जमने से बंद हो गया है। साथ ही चमोली-मंडल-ऊखीमठ, घाट-रामणी और बिरही-पगना सड़कें भी बर्फ से बंद हो गई हैं। बदरीनाथ धाम में लगभग आठ और हेमकुंड साहिब में दस फीट तक बर्फ जम गई है। बदरीनाथ धाम में पेयजल लाइनों पर पानी जम गया है। यहां रह रहे बीकेटीसी के कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी बर्फ पिघलाकर खाना बना रहे हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला
कर्णप्रयाग, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल, लंगासू, नौली, बगोली क्षेत्रों में दिभर बारिश होती रही। देवाल में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश व बर्फबारी से अधिकांश गांव बर्फ से ढक गए हैं। कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। रूपकुंड, वेदनी, आली, बगुवावास, आयजनटॉप, ब्रह्मताल व बगजी बुग्याल में तीन से चार फीट बर्फ पड़ने से पर्यटक लोहाजंग में रुके हैं। वांण, घेस, हिमनी, बलाण, पिनाऊं, कुलिंग, वांक, लोहाजंग, मुंदोली, रामपुर, तोरती, उदयपुर सहित 30 से अधिक गांवों बर्फ से ढके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
चमोली के थराली में एक माह के अंतराल में पिंडर घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चौथी बार बर्फबारी हुई है। निचली घाटियों में लगातार बारिश के चलते तापमान काफी नीचे चला गया है, जिससे कड़ाके की ठंड हो रही है। वहीं थराली के ऊंचाई वाले गांवों, रूईसाण, कोलपुड़ी, रतगांव, गेरूड़, हरिनगर लेटाल, पारथा, बज्वाड़, बमोटिया, सिरमथल, ग्वालदम सहित 20 से अधिक गांव बर्फ के आगोश में हैं। लगातार बारिश के चलते सेरा-विजयपुर तलवाड़ी ग्वालदम-चिडंगा, थराली-किमनी सहित आधे दर्जन सड़कें बंद पड़ी हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
रुद्रप्रयाग के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से आमजन की दिनचर्या भी व्यापक रूप से प्रभावित हो गई है। ठंड के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में भी चहलकदमी कम रही। उधर, केदारनाथ धाम समेत द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चोपता आदि क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। जनपद में 50 से अधिक गांव फिर से बर्फ के आगोश में आ गए हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों में लगभग चार फीट नई बर्फ जम चुकी है। यहां पहले से काफी बर्फ मौजूद है। मंदिर परिसर, मंदिर मार्ग समेत सभी निर्माण स्थल बर्फ से लकदक बने हुए हैं। बीते वर्ष 12/13 दिसंबर को हुई भारी बर्फबारी के बाद से जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग का धाम से संपर्क कटा हुआ है। साथ ही पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। धाम में दिनभर तापमान माइनस में रहा। इधर, पर्यटक स्थल चोपता में भी लगभग तीन फीट नई बर्फ जम चुकी है। जबकि इतनी ही बर्फ यहां पहले से मौजूद थी। बर्फ का आनंद लेने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां अधिकतम तापमान 4 और न्यूनतम माइनस 6 डिग्री सेल्सियस रहा। द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम भी बर्फ से लकदक हैं। 

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उत्तरकाशी में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सीमांत जनपद उत्तरकाशी एक बार फिर शीतलहर की चपेट में है। जिले में समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। जिले में करीब 350 गांव इस समय बर्फ की आगोश में हैं। तापमान में जबर्दस्त गिरावट से जिले में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। जनवरी दूसरे हफ्ते में चार दिनों तक लगातार बारिश और बर्फबारी से उत्पन्न दुश्वारियां अभी कम भी नहीं हुई थीं कि चार दिन की मोहलत के बाद बृहस्पतिवार से एक बार फिर जिले में बारिश-बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। 

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बर्फबारी वाले हर्षिल, खरसाली, सांकरी आदि क्षेत्रों में भी पारा शून्य के आसपास बना हुआ है। बर्फबारी वाले इलाकों में शीतलहर के प्रकोप के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। जबकि निचली घाटियों में भी लोग अलाव का सहारा लेकर कड़ाके की ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। मौसम की बेरुखी ने जनपदवासियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। जिले के सुदूरवर्ती 50 से अधिक गांवों में अभी तक जनवरी दूसरे हफ्ते की बर्फबारी से ठप हुई विद्युत आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो पायी है। 
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मुनस्यारी में एक बार फिर बर्फबारी के चलते थल मुनस्यारी मोटर मार्ग बंद हो गया है। सभी वाहन मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को सभी उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं कुमाऊं में भी पंचाचूली, राजरंभा, खलियाटॉप, हंसलिंग, मिलम, नंदा देवी आदि स्थानों पर जमकर बर्फबारी हुई। 
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