आज से पंचक लग गए हैं ऐसे में कुछ काम हैं जिन्हें करना वर्जित माना गया है। पंचक आज दोपहर बाद 2.57 बजे से शुरू हुए हैं जो कि 24 जुलाई को तीसरे पहर 3.40 बजे समाप्त होंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांतराज के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र के चारों ओर भ्रमण करता है तो पंचक लगता है। इस काल को अशुभ माना गया है। इसलिए खासी सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
इस बार पंचक सावन में लग रहे हैं तो ऐसे में कांवड़ियों को कांवड़ नहीं उठाना चाहिए। कांवड़ के दौरान लाया गया जल शिवजी पर चढ़ाया जाता है इसलिए इन दिनों में कांवड़ के साथ जल लेकर जाना सही नहीं माना जाता है।
पंचक में मृत्यु को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान किसी की मृत्यु होने पर घर के अन्य सदस्यों पर भी ऐसा संकट मंडराता रहता है। मान्यताओं के अनुसार जिस शख्स की मृत्यु पंचक में होती है, उसके दाह-संस्कार के समय पांच पुतले बनाकर उसका भी शव के साथ दाह संस्कार कर देना चाहिए।
कहा जाता है कि पंचक काल में जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घर या कही पर लकड़ी, घास या फिर जलाने वाली वस्तुएं एकत्र नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से आग लगने का भय रहता है। वहीं जब पंचक शुरू हो तब किसी यात्रा से बचना चाहिए। खासकर दक्षिण दिशा की ओर बिल्कुल भी न जाएं।
कहा जाता है कि घर के निर्माण के समय अगर पंचक लग जाएं तो छत नहीं बनवानी चाहिए। इससे नुकसान और घर में क्लेश का वातावरण रहता है। इस दौरान गृह प्रवेश भी नही करना चाहिए। इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।