अलमासुद्दीन सिद्दीकी
‘ठाकरे’ बालासाहेब की बायोपिक है। उनका निधन 17 नवंबर 2012 को हुआ था। वह बहुत स्पष्ट शब्दों में अपनी बात कहने के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म भाई शम्सुद्दीन के निर्देशन पर बन रही है। अलमासुद्दीन ने बताया कि जिस कुर्सी पर ठाकरे बैठते थे, उसे नवाज की कार से सेट तक पहुंचाया जाता था।