ऋषिकेश में सामूहिक हत्याकांड के बाद अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
मुनिया देवी ने कहा कि तीन महीने पहले उनकी अपनी बेटी से बात हुई थी। वह इस बार दिवाली में मायके आने की बात कह रही थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। नीतू के मायके पक्ष से उनकी मां, भाई पंकज मिश्रा, हर्षित दुबे, दीपक दुबे, मौसी सुशीला तिवारी और भाभी पूनम मिश्रा यहां आए हैं।