इस बार मकर संक्रांति अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि और रवि योग में मनेगी। वहीं इस दिन अश्विनी नक्षत्र भी रहेगा, जो बेहद मंगलकारी है।
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makar sankranti
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश नौटियाल ने बताया कि 14 जनवरी की रात 2.20 मिनट पर सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश करने से संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को रहेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होंगे और खरमास खत्म हो जाएगा। 14 जनवरी को रात 2.20 बजे सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा।
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मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से शुरु होगा। मकर संक्रांति पर अमृतसिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से 9.48 बजे तक रहेंगे। इसी दिन रवियोग सूर्यास्त तक रहेगा।
यह त्योहार अमूमन 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। दरअसल, 15 जनवरी को सूर्योदय काल में सूर्य देव मकर राशि में स्थित होंगे, जिससे शास्त्रानुसार उदयकालीन तिथि की मान्यता के अनुसार 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर तक स्नान, दान किया जाना पुण्यकारी होगा।