आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, ऊर्जा
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टनल फिलहाल बिल्कुल सूखी है। वर्ष 2020 से टीबीएम इस टनल में फंसी हुई है, जिसे आगे बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं। यहां कोई रिसाव नहीं है। छोटा जो पानी आ रहा है, वह महज चट्टानों का है जो कि आता है और सूख जाता है। टनल औली की तरफ वाले हिस्से में बन रही है। इसका भू धंसाव से कोई संबंध नहीं। जहां नियंत्रित विस्फोट की जरूरत पड़ रही है, उसकी दूरी भी जोशीमठ से करीब 11 किमी है।
- राजेंद्र प्रसाद अहिरवार, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना
एनटीपीसी के प्रोजेक्ट और जोशीमठ भू धंसाव पर टीम अध्ययन कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि टनल का इस भू धंसाव से कोई कनेक्शन है या नहीं।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, ऊर्जा, उत्तराखंड सरकार