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Joshimath: असुरक्षित, सुरक्षित और बफर जोन में बटेंगे दरक रहे जोशीमठ के भवन...उसके बाद तय होगी रणनीति

Mon, 09 Jan 2023 12:55 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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जोशीमठ में भू धंसाव - फोटो : अमर उजाला
दरक रहे जोशीमठ के भवनों को असुरक्षित, सुरक्षित और बफर जोन में बांटा जाएगा। जोन के हिसाब से भवनों का चिन्हीकरण करने के बाद उन्हें गिराने और आगे की रणनीति तय होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ भेजे गए सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारी हिमांशु खुराना को दो दिन में नगर के भवनों और उसमें रहने वाले लोगों के बारे में आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए हैं।

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शनिवार को जोशीमठ से अध्ययन करके लौटी विशेषज्ञ समिति ने शासन से उन भवनों को जल्द से जल्द गिराने की सिफारिश की है, जिनमें बहुत अधिक दरारें आ चुकी हैं। शासन ने ऐसे भवनों को गिराने का निर्णय ले लिया है। हालांकि, जल्दबाजी में कोई कदम उठाने से पहले हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। 
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जोशीमठ में भू-धंसाव से घर में आई दरार - फोटो : अमर उजाला
अभी तक 603 भवनों में दरारों की सूचना
जोशीमठ में 603 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। यह सूचना प्रशासन को लोगों ने दी है। प्रभावितों की सूचना पर प्रशासन ने इन भवनों का मौका मुआयना भी कर लिया है। 67 परिवारों को अस्थायी स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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जोशीमठ में निरीक्षण करती टीम - फोटो : अमर उजाला
तीन जोन में बांटकर यह डेटा जुटाएंगे
डेंजर: ऐसे भवन जो बहुत ज्यादा जर्जर हैं और पूरी तरह से असुरक्षित हैं।
बफर: ऐसे भवन जिनमें हल्की दरारें हैं लेकिन उनके बढ़ने का खतरा है।
सेफ: ऐसे भवन जहां कोई दरार नहीं आई है और रहने के लिए सुरक्षित हैं।

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जोशीमठ पहुंची शासन की टीम - फोटो : अमर उजाला
प्रभावितों के बारे में भी सूचना जुटाएगी टीम
1. भवन आवासीय है या व्यावसायिक।
2. भवन में रहने वाले परिवार का व्यवसाय क्या है, परिवार में कितने लोग हैं।
3. डेंजर जोन में रह रहे लोगों को शिफ्ट करने से पहले पूछा जाएगा कि वे स्थायी तौर पर कहां पुनर्वास चाहेंगे।
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आर मीनाक्षी सुंदर, सचिव, (मुख्यमंत्री) - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मैं अब जोशीमठ में ही रहूंगा। जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले वह भवनों को तीन जोन में बांटे। कई व्यावसायिक भवन भी हैं। लोग जोशीमठ से दूर स्थायी तौर पर शिफ्ट होना चाहेंगे या नहीं, इन सभी पहलुओं पर सूचनाएं जुटाने के बाद आगे की नीति पर काम करेंगे।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, (मुख्यमंत्री)।
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