उत्तराखंड में होलिका दहन
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ज्योतिषाचार्य पंडित विजेंद्र दत्त का कहना है कि शास्त्रों के मुताबिक, भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को आग में जलाकर मारने के लिए उसके पिता हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को तैयार किया। होलिका के पास एक चादर थी, जिसको ओढ़ लेने से उस पर आग का प्रभाव नहीं होता था।