उत्तराखंड में भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। गौंडार गांव में बृहस्पतिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से सरस्वती (मोरकुंडा) नदी पर बना अस्थायी पुल बह गया, जिससे द्वितीय केदार मद्महेश्वर का गौंडार सहित तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। उधर, पुल बहने से बणतोली से मंदिर तक 106 यात्री फंस गए।
प्रशासन ने दो हेलिकॉप्टर की मदद से नानू स्थित अस्थायी हैलीपैड से सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर रांसी पहुंचाया। यहां से सभी यात्री अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण मोरकुंडा (सरस्वती) नदी उफान पर है। बृहस्पतिवार देर रात्रि 12.30 बजे से सुबह पांच बजे के बाद तक गौंडार गांव में भारी बारिश हुई।
यमुना नदी के उदगम में अतिवृष्टि के कारण यमुनोत्री धाम में मंदिर परिसर को भारी नुक़सान हुआ है। मंदिर समिति के कार्यालय, रसोई आदि को भी नुकसान उक्त जानकारी देते हुए पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि जनहानि नहीं लेकिन परिसंपित्तयों को नुक्सान पहुंचा है। बताया कि यमुना नदी के मुहाने पर एकत्रित मलबा बोल्डर पत्थरों की वजह से मंदिर परिसर को अधिक नुकसान हुआ है
जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राममंदिर के निकट रजिस्ट्रेशन केंद्र भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट बंद होने से बड़कोट से सरकारी अमला अभी यमुनोत्री धाम नहीं पहुंच पाया। एसडीएम मुकेश चन्द्र रमोला ने कहा कि जनहानि नहीं हुई है लेकिन नुकसान काफी हुआ है। ओजरी डाबरकोट मार्ग खुलने के साथ ही नुकसान का जायजा लिया जाएगा।