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हरिद्वार दुष्कर्म-हत्या केस: पेशेवर अपराधियों से भी शातिर निकला आरोपी राजीव, सात दिन बाद ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

Sun, 27 Dec 2020 08:58 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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पकड़ा गया आरोपी(सफेद टीशर्ट में) - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में 11 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्यारोपी राजीव पेशेवर अपराधियों से भी शातिर निकला। पुलिस से एक कदम आगे की चाल चलकर राजीव ने पुलिस को छकाया। राजीव तक पहुंचने के लिए 150 पुलिस कर्मियों ने सात दिनों में 250 लोगों की सीडीआर और 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। दो सौ लोगों से पूछताछ और 350 होटलों और गेस्ट हाउसों की खाक छानी। आखिर में छोटे भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आसानी से राजीव तक पहुंच सकी। 
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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 20 दिसंबर की रात बच्ची का शव मिलते ही राजीव कुमार पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। राजीव अपने परिवार के साथ नया हरिद्वार में रहता था। घर पहुंचते ही परिवार के सभी सदस्यों को साथ लेकर गायब हो गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
उसकी आखिरी लोकेशन घटना वाली रात ही रुड़की आई थी। इसके बाद उसका फोन ऑन नहीं हुआ। राजीव का दिमाग पुलिस से तेज पेशेवर अपराधी से ज्यादा तेज चला। उसने अपने किसी भी परिचित और रिश्तेदारों को फोन नहीं किया। पुलिस ने 250 से अधिक मोबाइल की सीडीआर खंगाली, लेकिन किसी में राजीव की खास जानकारी नहीं मिली। 

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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दबाव और छापामारी के बीच राजीव ने अपना परिवार दिल्ली में सुरक्षित जगह छोड़ा और वहां से सुल्तानपुर यूपी चला गया। पुलिस उत्तराखंड के अलावा यूपी, पंजाब, हरियाणा में संभावित ठिकानों में छापा मारती रही। 
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के छापे की भनक लगते ही वह अपने ठिकाने बदलते रहा। बाहरी जिलों की पुलिस की मदद ली गई। रोडवेज और रेलवे स्टेशनों पर उसकी पहचान के लिए फोटो कापी बांटी गई। होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं छानी गई। करीब दो सौ रिश्तेदार, नातेदार और परिचितों से पूछताछ की गई। 
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- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक राजीव नेपाल भागने की फिराक में था। छोटे भाई से हरिद्वार नकदी का जुगाड़ करने के लिए भेजा था। पुलिस ने भाई गौरव को दबोचा तो राजीव भी शिंकजे में फंस गया।
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