गणेश चतुर्थी
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बाईं सूंड वाले गणेश जी
यदि सूंड प्रतिमा के बाएं हाथ की ओर घूमी हुई हो तो उन्हें वक्रतुंड कहा जाता है। इनकी पूजा-आराधना में बहुत ज्यादा नियम नहीं रहते हैं। सामान्य तरीके से हार-फूल, आरती, प्रसाद चढ़ाकर भगवान की आराधना की जा सकती है। पंडित या पुरोहित का मार्गदर्शन न भी हो तो कोई अड़चन नहीं रहती।