स्कूल प्रबंधन का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के अफसरों का घेराव कर उनको खूब खरीखोटी सुनाई। इधर, पुलिस ने बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूल में कार्यरत कर्मियों का सत्यापन न कराने पर प्रबंधक के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश कर दिया। स्कूल प्रबंधन की भूमिका को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। बृहस्पतिवार तक मामले में तहरीर देने से बच रहे माता-पिता भी शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सामने आ गए।
पीड़ित मासूम बच्ची के पिता ने एसएसपी को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उसे स्कूल प्रबंधन से जुड़ी दो महिलाओं और एक पुरुष ने धमकी दी थी कि यदि चालक और परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की तो बच्ची का भविष्य खराब कर दिया जाएगा। साथ ही समाज में बदनामी झेलनी पड़ेगी।
पिता ने प्रार्थनापत्र में बताया कि बेटी ने चालक और परिचालक द्वारा गलत कृत्य करने के बारे में अपनी मां को बताया था। वह अपने व्यवसाय के सिलसिले में दूर चला गया था। शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने उसे बुलाया। स्कूल प्रबंधन से जुड़ी दो महिलाओं और एक पुरुष ने बेटी का भविष्य चौपट कर देने की धमकी देकर चुप रहने को कहा था।
साथ ही बदनामी के बाद कहीं एडमिशन नहीं होने देने की चेतावनी दी थी। धमकी देने वालों की वह शिनाख्त कर सकता है। इस मामले में पिता ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। एसएसपी ने प्रार्थनापत्र लेने के बाद उसे जांच में शामिल करने का आश्वासन दिया।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि परिचालक प्रदीप जोशी, निवासी जैंती गड़ाव पो. बिलखम, जिला अल्मोड़ा और चालक रतन सिंह, निवासी कठघरिया पनियाली को गौलापार स्टेडियम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी के अनुसार दोनों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। मामले की विवेचक उप निरीक्षक लता बिष्ट ने मासूम का मेडिकल मुआयना कराया है। दो डॉक्टरों की राय जुदा होने से अब मेडिकल बोर्ड को रिपोर्ट भेजी जानी है।
एसएसपी के अनुसार पुलिस को दिए बयान में मासूम के माता-पिता ने भी घटना होने की बात स्वीकारी है। एसएसपी के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। ऐसे स्कूल की भूमिका को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।