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लाशों के बीच बैठकर बेवफा पत्नी ने इस तरह प्रेमी संग रची दर्दनाक हत्या की साजिश

Tue, 07 Mar 2017 10:13 AM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
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deepika rana - फोटो : amar ujala
शायद ही कोई यकीन करेगा कि देहरादून में पति और ससुर को मौत के घाट उतारने के बाद दीपिका और उसके प्रेमी योगेश अरोड़ा ने अपने बचाव की कहानी लाशों के बीच बैठकर तैयार की थी। भाड़े के काल्पनिक हत्यारे पप्पू और डब्बू के हाथों बाप-बेटे की हत्या डोईवाला के जंगल में कराने की कहानी तैयार की गई। दोनों जानते थे कि ज्यादा समय तक उनके रिश्ते की बात छिप नहीं पाएगी, पुलिस जरूर आएगी, पूछताछ भी करेगी, लेकिन सच को हलक से बाहर नहीं लाना है। दोनों ने यह सोच अजय देवगन की फिल्म दृश्यम से चुराई थी।
 
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deepika rana
आठ साल के बेटे को भी दीपिका ने इसी फिल्म की कहानी की तर्ज पर रटा दिया था कि सुबह जाते वक्त उसने पापा को टाटा किया था। वारदात की स्क्रिप्ट के हिसाब से दीपिका, योगेश और नकुल ने अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए, मगर कुदरत भी अपनी तरह से न्याय करती है। कार में लाशों को जलाने की तय कहानी को हकीकत में तब्दील करते वक्त योगेश उसी आग से अपना चेहरा झुलसा बैठा और उसके झुलसे चेहरे ने दोहरे मर्डर में उसकी भूमिका की चुगली पुलिस से कर दी। खैर, पुलिस ने कानूनी औपचारिकता पूरी करके सोमवार को दोनों को अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
 
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yogesh
एसपी क्राइम तृप्ति भट्ट ने बताया कि लाशों के बीच ही उन दोनों ने पुलिस से बचने को कत्ल की पूरी कहानी बनाई। कैसे पुलिस को गुमराह करना है। उन दोनों ने अपने हिसाब से तो पप्पू और डब्बू से डोईवाला में कत्ल का पूरा प्लान तैयार किया था। बुलंदशहर जाते समय पापा को टाटा करने का मासूम नकुल को पाठ पढ़ाना भी उसी रणनीति का हिस्सा था, ताकि यह साबित हो सके कि कत्ल घर में नहीं, बाहर ही हुआ है। स्क्रिप्ट में फंसने की आशंका को भी जगह दी गई थी। वो जानते थे कि पुलिस सवाल जरूर करेगी कि पप्पू और डब्बू को किसने भेजा था।
 

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yogesh
जवाब यह रहेगा कि उनके रिश्ते को लेकर परिवार में खटपट थी। दीपिका के कहने पर योगेश ने उन दोनों को डराने धमकाने के लिए भेजा था, लेकिन झगडे़ में उनका कत्ल हो गया। बाकायदा पप्पू और डब्बू की काल्पनिक तस्वीर भी तैयार कर ली गई थी। पूछताछ में पकड़ में आ गए तो योगेश ने सुपारी की नई कहानी बयां कर दी, यहीं कहानी में झोल आ गया और दीपिका के अनभिज्ञता प्रकट करते ही पुलिस के सवाल तेज हो गए और वे उलझते ही चले गए। योगेश का झुलसा चेहरा वारदात में उसकी भूमिका की चुगली खा ही चुका था।
 
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deepika rana
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाली रात से पहले दिन बुलंदशहर से किसी का फोन राजेश के पास आया था। परिवार से बात करते हुए राजेश ने बुलंदशहर जल्द आने की बात कही थी, लेकिन कोई टाइम नहीं दिया था। दीपिका के कानों में जब यह बात आई तो उसने योगेश से मिलकर दोनों के बुलंदशहर जाने की कहानी गढ़कर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश बना ली। योगेश रात करीब ग्यारह बजे रस्सी लेकर तपोवन एनक्लेव में पहुंच गया था, लेकिन रात करीब एक बजे वह घर में घुसा। गला घोंटते समय छटपटाहट में राजेश के बिस्तर से नीचे गिरने के साथ कांच का टेबिल टूटने से पिता प्रेम सिंह की आंखें खुल गई।
 
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double murder - फोटो : file photo
प्रेम सिंह कमरे में आने लगे तो दीपिका ने उन्हें यह कहकर रोकने का प्रयास किया कि राजेश नींद में डरकर बिस्तर से नीचे गिर गया है। उसकी बात अनसुनी कहते हुए प्रेम सिंह जब कमरे में पहुंचे तब तक योगेश ने राजेश को मौत के घाट उतार दिया था। बेटे को खून से लथपथ देखकर प्रेम सिंह की चीख निकली तो योगेश ने उन्हें भी अपना शिकार बना लिया। बाप-बेटे के कत्ल से वहां काफी खून बह गया था। शवों को कंबल और चादर में बांधने के बाद दोनों वहीं बैठकर सोचने लगे कि मामला पुलिस तक पहुंचेगा तो वे क्या कहेंगे? कहानी तैयार करके वे तसल्ली से साक्ष्यों को मिटाने में जुट गए। इसके बाद योगेश शव कार में डालकर जंगल की ओर ले गया। मियांवाला में उसने लाशों समेत कार आग के हवाले करने की कोशिश की, मगर हड़बड़ी में कार को आग लगाने की जगह खुद को झुलसा बैठा। बस यहीं कुदरत ने न्याय की अपनी स्क्रिप्ट लिख दी। योगेश का झुलसना केस खुलने का अहम कारण तो बना ही, आगे अदालत में भी दोनों को सजा दिलवाने में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य आधार बनेगा।  
 
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murder - फोटो : amar ujala
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने दावा किया कि दोनों ने खुद को बचाने के लिए भाड़े के हत्यारों की झूठी कहानी बनाई थी। यह साफ हो गया है कि दोनों ने ही मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। पप्पू और डब्बू नाम के कोई हत्यारे नहीं है। दोनों ने पुलिस को गुमराह करने को यह झूठी कहानी गढ़ी थी। रायपुर पुलिस ने दीपिका राणा और योगेश अरोड़ा का हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में चालान किया। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें एसीजेएम द्वितीय के न्यायालय में पेश किया। पति और ससुर के हत्यारोपी का चेहरा देखने के लिए वहां तमाशबीनों का तांता लग गया। दोनों ने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस दोनों को सुद्दोवाला जेल ले गई।
 
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murder - फोटो : amar ujala
तपोवन एनक्लेव में हुए डबल मर्डर के मामले में राणा परिवार के लोगों ने सोमवार को डीआईजी पुष्पक ज्योति से मिलकर दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनकी मांग थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ इस साजिश में शामिल तमाम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीआईजी ने भरोसा दिया कि दोषियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्यों का संकलन कराया जा रहा है ताकि आरोपियों को बचाव का मौका न मिले।
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