ग्राम हरियावाला निवासी अतुल यादव के मकान के जिस कमरे में अंशुमान व उसकी पत्नी ने दम तोड़ा, उस कमरे की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। घरेलू सामान के नाम पर करीब दो दर्जन छोटे-बड़े बर्तन, एक छोटा और एक बड़ा पुराना तख्त, चंद पुराने कपड़ों के अलावा घरेलू सामान के कुछ थेले कमरे की कानस पर रखे थे। सारा सामान एक गठरी में आसानी से बांधा जा सकता है। एक ही कमरे में रसोई और वहीं रहना सहना। कमरे का किराया 1300 रुपये माहवार था, जो उसने पिछले दो माह से अदा नहीं किया है।