मुख्य मंदिर में पहुंची बणद्वारा, सगर, देवलधार, खल्ला और कठूड़ गांव की देव डोलियां भी अपनी बहन अनसूया से विदा लेकर अपने-अपने स्थान के लिए लौट गईं। इसी के साथ दो दिवसीय अनसूया मेला भी संपन्न हो गया। बुधवार रात करीब आठ बजे अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के बाद सभी गांवों की देव डोलियां मंदिर के सभा मंडप में विराजमान हुईं। इसके बाद माता को राज भोग लगाया गया और पूजा-अर्चना हुई।