राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल रैखोली में विद्यार्थियों के बदहवास होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर ने विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की। विद्यार्थियों को मास हिस्टीरिया (बदहवासी) से ग्रसित पाया गया। कन्या जूनियर हाईस्कूल रैखोली में पढ़ने वाली कुछ बालिकाएं और बालक पिछले दो दिन से बदहवास हो रहे थे। बालिकाएं चिल्ला रही थीं, रो रही थीं। घटना का वीडियो वायरल होने पर लोग कहने लगे कि भूत-प्रेत का साया है।
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Bageshwar school
- फोटो : अमर उजाला
इसकी सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश पोखरिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची। टीम में काउंसलर संदीप कुमार भी शामिल थे।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम हर गिरी और मुख्य शिक्षाधिकारी गजेंद्र सिंह सौन ने भी विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ ही स्कूल स्टाफ से जानकारी हासिल की। काउंसलर संदीप कुमार ने बताया कि विद्यालय की छह बालिकाएं और दो बालक मास हिस्टीरिया से ग्रसित पाए गए।
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बताया कि इस स्थिति में एक बच्चे के चीखने-चिल्लाने पर अन्य बच्चे भी देखादेखी में चिल्लाने लगते हैं। मास हिस्टीरिया में शरीर में ऐठन आने के साथ बी बच्चे चिल्लाने लगते हैं।
बताया कि विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों की काउंसिलिंग की गई। एसीएमओ डॉ. पोखरिया ने बताया कि एक सप्ताह तक पीएचसी बोहाला का स्टाफ विद्यार्थियों पर नजर रखेगा। सभी विद्यार्थी फिलहाल सामान्य हैं।