उर्वशी रौतेला
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए उर्वशी ने बताया कि जितनी भी बार वह गांव गईं, वहां लोगों को पानी के लिए परेशान देखा। बचपन में वह खुद अन्य बच्चों के साथ करीब एक किमी दूर से पानी ढोती थीं। तभी उन्होंने सोचा कि बड़ी होकर वह गांव वालों की इस समस्या का समाधान करेंगीं।