विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र में फाइनल की रेस दिलचस्प हो गई है। कुछ टीमें बेहद मजबूत स्थिति में हैं, वहीं कुछ को अगले कुछ महीनों में जोर लगाने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 2027 में होने वाले फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए किस टीम को क्या जरूरत है...
अगले कुछ महीनों में आपको टेस्ट के कुछ दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे-जैसे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल की तारीखें नजदीक आती जा रही हैं, टीमों के बीच फाइनल में पहुंचने की जंग और बढ़ती जा रही है।
ओवल में होना है फाइनल
इस डब्ल्यूटीसी चक्र का फाइनल अगले साल नौ जून से लंदन के ऐतिहासिक 'द ओवल' मैदान पर खेला जाएगा। डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में नौ टीमें हैं और शीर्ष दो टीमों के बीच फाइनल मुकाबला होता है। हालांकि, अभी तक शीर्ष दो टीमें तय नहीं हो पाई हैं।
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका
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अब कुल 15 सीरीज बाकी
इस डब्ल्यूटीसी चक्र में कुल 27 सीरीज होनी थीं, जिसमें से 12 सीरीज हो चुकी हैं और अगले 10 महीने में बाकी बची 15 टेस्ट सीरीज खेली जाएंगी। यानी फैंस के लिए सबसे लंबे और क्रिकेट के असली प्रारूप को देखने का मजा दोगुना हो जाएगा।
कितना प्रतिशत अंक काफी है?
डब्ल्यूटीसी के पिछले दो संस्करणों में फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए अंक प्रतिशत 65 प्रतिशत होना काफी था। ऑस्ट्रेलिया ने 2023 और 2025, दोनों फाइनल के लिए 65% से ज्यादा होते हुए क्वालिफाई किया, जबकि दक्षिण अफ्रीका का भी अंक प्रतिशत 2025 में 65% से ज्यादा था। इसमें एकमात्र अपवाद भारत था, जो 2023 के फाइनल में 58.8% अंक प्रतिशत के साथ पहुंचा था।
आइए हम जानते हैं कि इस सीजन सभी टीमों के पास अब भी 60 प्रतिशत या इससे ज्यादा अंक प्रतिशत तक पहुंचने का मौका है या नहीं, जिनके पास मौका है, उन्हें इसके लिए क्या करना होगा...
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप समीकरण
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ऑस्ट्रेलिया ने इस WTC चक्र में अब तक उपलब्ध 96 में से सिर्फ 12 अंक गंवाए हैं। हालांकि, उसके 14 टेस्ट बाकी हैं, जो सभी नौ टीमों में सबसे ज्यादा हैं। इसमें अगले साल भारत में होने वाले पांच टेस्ट भी शामिल हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया अपने पिछले 12 टेस्ट में सिर्फ दो जीत पाया है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत का घरेलू प्रदर्शन गिरा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया फिर भी उस सीरीज की शुरुआत से पहले अपनी क्वालीफिकेशन की स्थिति पक्की करना चाहेगा, खासकर इसलिए क्योंकि बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके छह घरेलू टेस्ट आने वाले हैं।
60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे 75 और अंक चाहिए, जो छह जीत और एक ड्रॉ से हासिल किए जा सकते हैं। अगर वह आठ जीत और छह हार दर्ज करता है, तो उसका अभियान 68.18 प्रतिशत पर खत्म होगा।
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप समीकरण
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इस चक्र में दक्षिण अफ्रीका की तीनों विदेशी सीरीज उपमहाद्वीप में हैं और अब तक उसने इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने पाकिस्तान में 1-1 से सीरीज ड्रॉ की और भारत को 2-0 से चौंकाया। इसका मतलब है कि उसके बचे हुए 10 में से आठ टेस्ट घर में हैं, हालांकि इनमें से तीन टेस्ट शीर्ष पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैं।
60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका को 65 और अंक चाहिए, जो पांच जीत और दो ड्रॉ से हासिल किए जा सकते हैं। बाकी मैचों में छह जीत और चार हार से वह 64.28 प्रतिशत तक पहुंचेगा, जबकि 7-3 का प्रदर्शन उसे 71.43 प्रतिशत तक ले जाएगा, जो क्वालीफिकेशन के लिए लगभग निश्चित स्थिति होगी।
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वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू और इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी सीरीज जीतने के बाद न्यूजीलैंड फिलहाल मजबूत स्थिति में है। हालांकि, उसके बचे हुए 10 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट की कठिन परीक्षा शामिल है।
बाकी उपलब्ध 120 अंकों में से उसे 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए 64 अंक चाहिए, जो पांच जीत और एक ड्रॉ से हासिल किए जा सकते हैं। अगर वह भारत और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीजन के सभी टेस्ट जीतता है, तो इनमें से चार जीत मिल सकती हैं।
हालांकि, फाइनल में जगह बनाने के लिए उसे शायद सिर्फ घरेलू सफलता से ज्यादा की जरूरत होगी। छह जीत और तीन हार से वह 64.58 प्रतिशत पर पहुंचेगा, जबकि सात जीत और तीन हार से उसका प्रतिशत 70.83 होगा।
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बांग्लादेश ने अब तक अपने अभियान में अच्छा प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान के खिलाफ 2-0 की सीरीज जीत उसका सबसे बड़ा आकर्षण रही है। हालांकि, अब उसके सामने कठिन परीक्षाएं हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विदेशी सीरीज शामिल हैं।
अगर वह वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ अपने बाकी चारों घरेलू टेस्ट जीत भी जाता है, तो 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में अपने बचे हुए विदेशी टेस्ट में से कम से कम एक जीतना होगा या तीन मैच ड्रॉ कराने होंगे।
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पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-0 की हार ने भारत को काफी पीछे कर दिया है। 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को अपने बाकी नौ टेस्ट में 78 और अंक चाहिए, जिसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक), या सात जीत (84 अंक)। इन नौ टेस्ट में से पांच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैं।
2008 से अब तक भारत ने घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली पांच सीरीज में 12-2 की बड़ी बढ़त हासिल की है। हालांकि, भारत का हालिया घरेलू प्रदर्शन बिल्कुल भी भरोसेमंद नहीं रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 की सीरीज हार का सामना करना पड़ा।
तीसरे WTC फाइनल में पहुंचने का मौका बनाए रखने के लिए उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ काफी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। हालांकि, उससे पहले भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में विदेशी सीरीज की चुनौतियों से भी पार पाना होगा।
पिछले चक्र में फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का प्रतिशत दक्षिण अफ्रीका का 69.44 और ऑस्ट्रेलिया का 67.54 था। सात जीत और दो हार से भारत 62.96 प्रतिशत तक पहुंचेगा, जबकि आठ जीत और एक हार से उसका प्रतिशत 68.52 होगा, बशर्ते उस पर कोई पेनल्टी अंक न लगाया जाए। इसलिए भारत के WTC अभियान के बाकी हिस्से में गलती की गुंजाइश बहुत कम है।
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श्रीलंका ने इस चक्र में अब तक सिर्फ दो सीरीज पूरी की हैं, बांग्लादेश के खिलाफ 1-0 की जीत और वेस्टइंडीज के खिलाफ इसी अंतर से हार। इसका मतलब है कि उसके सामने टेस्ट क्रिकेट का व्यस्त सत्र आने वाला है।
60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे 67 और अंक चाहिए, जो पांच जीत और दो ड्रॉ या छह जीत से हासिल किए जा सकते हैं। इसलिए उसे अपने घरेलू टेस्ट मैचों का अधिकतम फायदा उठाना होगा, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त से भारत के खिलाफ दो टेस्ट से होगी।
बाकी आठ टेस्ट में छह जीत और दो हार से श्रीलंका 63.89 प्रतिशत तक पहुंचेगा, जबकि सात जीत और एक हार उसे 72.22 प्रतिशत तक ले जाएगी।
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4-8 के जीत-हार रिकॉर्ड के अलावा इंग्लैंड इस WTC चक्र में ओवर-रेट के मामले में भी बेहद खराब रहा है। अब तक उस पर 14 अंक की पेनल्टी लग चुकी है। इसका मतलब है कि चार जीत और एक ड्रॉ से हासिल 52 अंक घटकर 38 रह गए।
अगर इंग्लैंड अपने बाकी सभी आठ टेस्ट जीत भी जाता है और उस पर कोई और पेनल्टी अंक नहीं लगता, तब भी उसका अभियान सिर्फ 53.17 प्रतिशत पर खत्म होगा। ऐसे में उसके लिए फाइनल में जगह बनाना बेहद मुश्किल है।
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दो जीत और चार हार के साथ पाकिस्तान का अभियान अब तक खराब रहा है। इसके अलावा उस पर आठ पेनल्टी अंक भी लगाए गए हैं।
अगर पाकिस्तान अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीतता है, तो उसका अंतिम प्रतिशत 64.1 होगा।
छह जीत और एक ड्रॉ से वह 58.97 प्रतिशत तक पहुंचेगा, जबकि छह जीत और एक हार से उसका प्रतिशत और गिरकर 56.41 रह जाएगा।