बेन स्टोक्स ने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया। उनकी विदाई पर जो रूट और युवराज सिंह ने भावुक संदेश देते हुए उन्हें दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला महान मैच विनर बताया। स्टोक्स ने इंग्लैंड को दो विश्व कप जिताए, 'बैजबॉल' की शुरुआत की और आधुनिक क्रिकेट के महान ऑलराउंडरों में अपनी जगह बनाई।
इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। 2011 में शुरू हुआ उनका 15 साल का शानदार करियर अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है। स्टोक्स ने अपने करियर में इंग्लैंड को दो आईसीसी विश्व कप जिताने, ऐतिहासिक एशेज जीत दिलाने और टेस्ट क्रिकेट में 'बैजबॉल' जैसी आक्रामक सोच को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई। उनकी विदाई पर पूर्व कप्तान जो रूट और भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भावुक संदेश साझा किए। दोनों ने स्टोक्स को सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने वाला असाधारण योद्धा बताया।
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रूट और स्टोक्स
- फोटो : IANS
जो रूट बोले- दबाव ही हीरे बनाता है
बेन स्टोक्स के लंबे समय तक साथी रहे जो रूट ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में स्टोक्स जैसा दबाव में खेलने वाला खिलाड़ी बहुत कम देखा है। रूट ने कहा, 'हम दोनों ने साथ में बहुत कुछ देखा है, लेकिन आपकी एक बात का मैं हमेशा सम्मान करता हूं कि चाहे जिंदगी में कुछ भी हुआ हो, आपने हमेशा उसकी जिम्मेदारी ली। एक पुरानी कहावत है कि हीरे सिर्फ दबाव में ही बनते हैं। जब-जब मैच संतुलन पर रहा, तुमने टीम के लिए ऐसे पल बनाए, जिन्हें बहुत कम खिलाड़ी बना पाते हैं। आपका करियर हमेशा उन यादगार लम्हों के लिए याद किया जाएगा।'
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रूट और स्टोक्स
- फोटो : ANI
हेडिंग्ले की पारी से लेकर वर्ल्ड कप तक की यादें
जो रूट ने 2019 एशेज में हेडिंग्ले टेस्ट में स्टोक्स की नाबाद 135 रन की ऐतिहासिक पारी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, 'आपने हर फॉर्मेट में इस टीम के लिए अनगिनत यादगार पल दिए हैं। आने वाली कई पीढ़ियां आपकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेंगी। हम सभी खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि हमें आपके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिला। चाहे विश्व कप जीतना हो, एशेज जीतना हो या 2019 में हेडिंग्ले की वह अविश्वसनीय पारी, आपने हमेशा कुछ खास किया।'
रूट ने भावुक अंदाज में आगे कहा, 'आपने इस ड्रेसिंग रूम के ज्यादातर खिलाड़ियों को प्रेरित किया है। आपके साथ खेलना मेरे लिए शानदार सफर रहा। मुझे उम्मीद है कि एक दिन जब हम सभी पुराने खिलाड़ी बन जाएंगे, तब बैठकर साथ में इन यादों को ताजा करेंगे।'
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रूट और स्टोक्स
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युवराज सिंह ने याद किए स्टोक्स के सबसे कठिन दिन
भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर स्टोक्स के नाम भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि महान खिलाड़ी वही होता है, जो हर मुश्किल से उठकर फिर खड़ा हो जाए। युवराज ने लिखा, 'विश्व कप फाइनल की वह पारी, जिसे देखने वाला कभी नहीं भूल सकता। हेडिंग्ले में 135 रन की वह पारी, जिसने क्रिकेट की परिभाषा बदल दी। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने का साहस, अपने पिता को खोने का दर्द और हर बार मजबूती से वापसी करना। यही आपकी सबसे बड़ी पहचान है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मैं जानता हूं कि एक दिन दुनिया की चोटी पर होना और अगले ही दिन जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजरना कैसा महसूस होता है। मैंने आपके अंदर भी वही सफर देखा। यही बात अच्छे खिलाड़ियों और महान खिलाड़ियों के बीच फर्क पैदा करती है। रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं, बल्कि हर बार गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत इंसान को महान बनाती है।'
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रूट और स्टोक्स
- फोटो : ANI
युवराज ने स्टोक्स की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, '15 साल का शानदार करियर, दो विश्व कप, ऐसा कप्तान जिसने अपनी टीम को विश्वास दिलाया कि कुछ भी असंभव नहीं है। क्रिकेट हमेशा आपको अपने बेहतरीन खिलाड़ियों में गिनेगा। शानदार करियर के लिए बधाई। क्रिकेट आपको मिस करेगा। अब अपनी जिंदगी के अगले अध्याय का आनंद लें, आपने इसे पूरी तरह कमाया है।'
A World Cup final innings that nobody who watched it will ever forget. A 135 not out at Headingley that rewrote what was possible. The courage to speak openly about mental health when most wouldn’t. Losing his father. And coming back every single time.
सचिन ने भी की थी बेन स्टोक्स की तारीफ
सचिन तेंदुलकर ने भी स्टोक्स की तारीफ की थी और लिखा, 'बेन स्टोक्स, मैंने हमेशा इस बात की सराहना की है कि आपने खेल में कितनी ऊर्जा के साथ कदम रखा। आपका सकारात्मक रवैया, निडर इरादा और दबाव के क्षणों में मैच का रुख बदलने की क्षमता हर बार अलग नजर आई। एक ऑलराउंडर के तौर पर आप इंग्लैंड के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हो, और कप्तान के रूप में आपकी साहसी रणनीतियों और खेल को सहज रूप से पढ़ने की क्षमता ने टीम को नई पहचान दी। आपके जीवन के अगले सफर के लिए मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं। हालांकि आपको जानते हुए, मैदान से दूर रहना शायद आपके लिए सबसे मुश्किल काम होगा। आपकी अगली पारी के लिए शुभकामनाएं!'
.@benstokes38, I’ve always admired the way you brought energy into the game. Your positivity, your fearless intent, and the way you shaped moments under pressure stood out every time you walked in. As an all-rounder, you’ve been one of England’s finest, and as a captain, your…
स्टोक्स ने बदल दी इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट की सोच
2022 में जो रूट के कप्तानी छोड़ने के बाद बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली। मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर उन्होंने आक्रामक क्रिकेट की नई शैली 'बैजबॉल' की शुरुआत की। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने शुरुआती 13 टेस्ट में 11 जीत दर्ज की और न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका तथा पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ यादगार सीरीज अपने नाम की।
आंकड़ों से कहीं बड़ा रहा स्टोक्स का प्रभाव
बेन स्टोक्स ने अपने टेस्ट करियर में 122 मैचों में 7273 रन बनाए, जिसमें 14 शतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 252 विकेट लिए और छह बार पारी में पांच विकेट झटके। वनडे में उन्होंने 114 मैचों में 3463 रन बनाए और 2019 विश्व कप फाइनल में नाबाद 84 रन की पारी खेलकर इंग्लैंड को पहला विश्व कप जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी उन्होंने इंग्लैंड के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं।
हालांकि स्टोक्स की विरासत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी। दबाव में बेखौफ खेलना, मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाना और कभी हार न मानने का जज्बा उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में शामिल करता है। यही वजह है कि उनकी विदाई पर दुनिया भर के क्रिकेट दिग्गज भावुक नजर आए।