फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IND vs IRE: क्या आज वैभव सूर्यवंशी कर पाएंगे इंटरनेशनल डेब्यू? आयरलैंड से दूसरा मुकाबला क्यों है सबसे सही मंच

Sun, 28 Jun 2026 11:28 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, डबलिन

सार

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में हार के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी सवालों के घेरे में है। ऐसे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी20 में डेब्यू कराने की मांग तेज हो गई है। आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित करने वाले वैभव के लिए यह मुकाबला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला कदम रखने का सबसे अच्छा मौका माना जा रहा है।
विज्ञापन
1 of 10
वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू होगा? - फोटो : PTI/BCCI
आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारत को मिली हार ने टीम चयन पर नई बहस छेड़ दी है। सीरीज शुरू होने से पहले तक 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखना टीम प्रबंधन का सुरक्षित फैसला माना जा रहा था। तर्क यही था कि इतनी कम उम्र में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में उतारने की जरूरत नहीं है। लेकिन बेलफास्ट में मिली हार के बाद तस्वीर बदल गई है।

भारत ने अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया, फिर भी 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम 148 रन पर सिमट गई। अब सवाल यह है कि जब स्थापित बल्लेबाजी क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया तो क्या टीम अपने सबसे विस्फोटक युवा बल्लेबाज को लगातार बाहर बैठाए रख सकती है?
 
विज्ञापन

2 of 10
भारत बनाम आयरलैंड - फोटो : Amar Ujala Graphics
पहले टी20 ने बदल दी पूरी बहस
पहले मुकाबले में भारत की शुरुआत खराब नहीं रही। अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी कर आधुनिक टी20 क्रिकेट के मुताबिक तेज शुरुआत दिलाई। लेकिन शुरुआती विकेट गिरने के बाद पूरी बल्लेबाजी दबाव में आ गई। आक्रामक खेल अचानक संभलकर खेलने में बदल गया और आयरलैंड के गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ बना ली। यहीं पर वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आता है। वह केवल एक युवा प्रतिभा नहीं हैं, बल्कि ऐसे बल्लेबाज हैं जो पहली गेंद से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

आईपीएल 2026 ने बढ़ाया भरोसा
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि जिस स्ट्राइक रेट और बेखौफ अंदाज से बल्लेबाजी की, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया। उनका खेल शुरुआत में विकेट बचाने का नहीं, बल्कि गेंदबाजों पर तुरंत दबाव बनाने का है। यही आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी मांग भी है। भारत पहले मैच में इसी आक्रामकता की कमी महसूस करता दिखा।
विज्ञापन

3 of 10
वैभव सूर्यवंशी - फोटो : PTI
डेब्यू के लिए इससे बेहतर मौका शायद नहीं
 
  • भारत के सामने अब सिर्फ एक मैच बचा है। अगर टीम यह मुकाबला हारती है तो सीरीज 2-0 से गंवा देगी। ऐसे में यह तर्क दिया जा रहा है कि वैभव को उतारना जोखिम हो सकता है, लेकिन दूसरी ओर यह भी सच है कि इससे बेहतर और सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय मौका शायद ही मिले।
  • यह न तो विश्व कप का नॉकआउट मुकाबला है, न एशिया कप का फाइनल और न ही चैंपियंस ट्रॉफी का सेमीफाइनल। अगर वैभव इस मैच में असफल भी होते हैं तो भारत केवल एक द्विपक्षीय सीरीज गंवाएगा। लेकिन अगर वह सफल रहे तो टीम इंडिया को भविष्य का बड़ा मैच विजेता मिल सकता है।
  • हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि वैभव का बल्ला सबसे जरूरी मैच में जरूर चलता है। चाहे वह अंडर-19 विश्वकप का फाइनल हो, या फिर आईपीएल 2026 में प्लेऑफ के मुकाबले, या फिर हाल ही में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल, वैभव हर अहम मैच में रन जरूर बनाते हैं।
  • वैभव सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि अपने दम पर मैच जिता ले जाते हैं। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने बार-बार साबित किया है कि बड़े मुकाबलों का दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और अधिक खतरनाक बना देता है। ऐसे में दूसरा टी20, जिसमें टी20 विश्व चैंपियन की साख दांव पर हो, वहां वैभव से बल्लेबाजी करना एक सूझबूझ वाला फैसला हो सकता है।
  • हाल ही में श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के दौरान फाइनल से पहले तक उनका बल्ला नहीं बोला था। वह 30-40 के स्कोर पर आउट हो रहे थे। फाइनल में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक डाले। उनका स्ट्राइक रेट 324.14 का रहा, जो किसी भी स्तर के क्रिकेट में असाधारण माना जाता है।
  • सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। यह ऐसी पारी थी जिसने मैच का रुख बदल दिया और फाइनल को लगभग एकतरफा बना दिया। वैभव जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तब एक वक्त तो भारत का प्रोजेक्टेड स्कोर 950 तक पहुंच गया था।

4 of 10
वैभव सूर्यवंशी - फोटो : IANS
बड़े मैचों में अलग ही रूप दिखाते हैं वैभव
 
  • अगर वैभव के पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो एक पैटर्न साफ दिखाई देता है, जब मुकाबला बड़ा होता है, तब उनका बल्ला और ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
  • अंडर-19 विश्व कप में उनका अभियान बहुत शानदार नहीं रहा था, लेकिन फाइनल में उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाया। यह प्रदर्शन बताता है कि दबाव की घड़ी में उनका आत्मविश्वास कम नहीं होता, बल्कि बढ़ जाता है।
  • इसके बाद आईपीएल 2026 आया और वैभव ने दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का एक और नमूना पेश किया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलाई।
  • फिर क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों पर 96 रन बनाए। हालांकि राजस्थान वह मुकाबला हार गई, लेकिन वैभव की पारी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही। इन दोनों पारियों ने दिखा दिया कि वह सिर्फ युवा प्रतिभा नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी हैं।
विज्ञापन

5 of 10
वैभव सूर्यवंशी - फोटो : BCCI
'प्रेशर इज अ प्रिविलेज' को जी रहे हैं वैभव
आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली ने कहा था, 'प्रेशर इज अ प्रिविलेज' यानी दबाव एक विशेषाधिकार है। इसका मतलब यह है कि दबाव उन्हीं खिलाड़ियों पर होता है जिनसे लोगों को उम्मीदें होती हैं। 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी पर भी करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजरें हैं। हर बार जब वह बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जाती है। इतनी कम उम्र में यह अपेक्षाएं किसी भी खिलाड़ी पर भारी पड़ सकती हैं, लेकिन वैभव अब तक इन उम्मीदों के बोझ तले दबे नहीं हैं। बल्कि उनके प्रदर्शन बताते हैं कि वह इस दबाव का आनंद लेते हैं और बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मानते हैं।
विज्ञापन

6 of 10
वैभव सूर्यवंशी - फोटो : BCCI
असफल हुए तो भी सीख ही मिलेगी
किसी युवा खिलाड़ी का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच सिर्फ उसके रन या विकेट से नहीं आंका जाता। असली सीख उस माहौल को महसूस करने में होती है। राष्ट्रीय गान के दौरान मैदान पर खड़ा होना, भारतीय जर्सी पहनकर खेलना, लाखों लोगों की उम्मीदों का दबाव झेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी का सामना करना किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास का अहम हिस्सा होता है। अगर वैभव आठ या 10 रन बनाकर भी आउट हो जाते हैं तो भी उन्हें अमूल्य अनुभव मिलेगा। लेकिन अगर उन्हें मौका ही नहीं मिलेगा तो टीम प्रबंधन उनके स्वभाव, मानसिक मजबूती और दबाव झेलने की क्षमता को कैसे परखेगा?
विज्ञापन

7 of 10
गौतम गंभीर - फोटो : PTI
टीम प्रबंधन इसे सही समय का फैसला बता सकता है
दूसरे टी20 में वैभव को खिलाना किसी घबराहट का फैसला नहीं होगा। इसे रणनीतिक फैसला माना जा सकता है। भारत 0-1 से पीछे है, बल्लेबाजी पहले मैच में फ्लॉप रही है, सीरीज छोटी है और आगे के मुकाबले ज्यादा चुनौतीपूर्ण होंगे। ऐसे में अगर वैभव को इस दौरे के लिए चुना गया है तो उन्हें मैदान पर उतारने का इससे बेहतर समय शायद नहीं मिलेगा। अगर वैभव को मौका मिलता है तो संभावना है कि वह अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करें या फिर शीर्ष क्रम में किसी बल्लेबाज की जगह लें। वहीं सूर्यांश शेडगे फिट होने पर वॉशिंगटन सुंदर की जगह भी ले सकते हैं।

8 of 10
भारत बनाम आयरलैंड - फोटो : BCCI
श्रेयस अय्यर और गेंदबाजी भी सवालों में
पहले मुकाबले के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी भी चर्चा में है। खासकर वॉशिंगटन सुंदर का इस्तेमाल काफी देर से करने पर सवाल उठे। उन्हें 16वें ओवर में गेंद थमाई गई, जबकि उस समय दोनों बल्लेबाज दाएं हाथ के थे। इसी ओवर के बाद मैच का रुख आयरलैंड की ओर मुड़ गया। भारत को गेंदबाजी में भी बेहतर योजना बनानी होगी। पहले मैच में टीम ने आयरलैंड को 30 रन पर तीन विकेट के स्कोर तक पहुंचा दिया था, लेकिन उसके बाद गेंदबाज दबाव बनाए नहीं रख सके।

संभावित भारतीय प्लेइंग-11: संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी/अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे/वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और रवि बिश्नोई।

9 of 10
भारत बनाम आयरलैंड - फोटो : BCCI
भारत के सामने रिकॉर्ड बचाने की चुनौती
भारत की टी20 क्रिकेट में लगातार 12 सीरीज और टूर्नामेंट जीतने की लय पहले मैच में टूट चुकी है। हालांकि टीम के पास अब भी लगातार 16 द्विपक्षीय सीरीज या टूर्नामेंट में अजेय रहने का रिकॉर्ड बचाने का मौका है। मुख्य कोच गौतम गंभीर इस रिकॉर्ड को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। दोनों मैचों के बीच सिर्फ एक दिन का अंतर होने के बावजूद उन्होंने खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक अभ्यास सत्र भी रखा है।
विज्ञापन

10 of 10
वैभव सूर्यवंशी - फोटो : PTI
क्या होगा सबसे बड़ा फैसला?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम सुरक्षित रास्ता चुनेगी या भविष्य को ध्यान में रखते हुए साहसिक फैसला लेगी। पहले टी20 ने यह दिखा दिया कि अनुभवी बल्लेबाजी क्रम भी असफल हो सकता है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मौका देना केवल रोमांच पैदा करने का फैसला नहीं होगा, बल्कि भारत के भविष्य की तैयारी का अहम कदम भी साबित हो सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें