द हंड्रेड लीग में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को टीम में शामिल करने पर विवाद बढ़ गया है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह बयान इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग के दौरान दिया।
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अनिरुद्धाचार्य ने भी अबरार मामले पर बयान दिया
- फोटो : ANI
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग 'द हंड्रेड' में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा टीम में शामिल किए जाने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फ्रेंचाइजी का संबंध आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद से भी है, जिसकी मालकिन काव्या मारन हैं। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है और कुछ यूजर्स ने सनराइजर्स लीड्स को बायकॉट करने की मांग भी उठाई है। अब इस मुद्दे पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और देश का पैसा देश में ही रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'भारतीय क्रिकेटरों को खरीदा जाना चाहिए। इससे भारत का रुपया मजबूत होगा। यह समझ नहीं आता कि भारत के कुछ लोगों को पाकिस्तान से इतना प्यार क्यों है। वे भारत के खिलाड़ियों को मौका क्यों नहीं देते?' उन्होंने आगे कहा, 'अगर हम अपना पैसा पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर खर्च करेंगे तो वही पैसा पाकिस्तान के पास जाएगा और उसी पैसे से भारत पर मिसाइलें दागी जाएंगी।'
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काव्या मारन, अनिरुद्धाचार्य और अबरार
- फोटो : ANI
सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे थे अनिरुद्धाचार्य
अनिरुद्धाचार्य यह बयान इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग के दौरान दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'ऐसे खेलों का आयोजन होते रहना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कई तरह के खेल खेले थे। खेलों से युवा फिट रहते हैं और उनका भविष्य भी बेहतर बनता है।'
सनराइजर्स लीड्स का एक्स अकाउंट सस्पेंड
इंग्लैंड की लोकप्रिय लीग 'द हंड्रेड' की नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदने के बाद हो रही आलोचन के बीच सनराइजर्स फ्रेंचाइजी की सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित कर दिया गया है। प्लेटफॉर्म की ओर से इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। आमतौर पर एक्स उन अकाउंट्स को सस्पेंड करता है जो उसके नियमों का उल्लंघन करते हैं।
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काव्या मारन और अबरार
- फोटो : ANI/IANS
अबरार को सनराइजर्स ने खरीदा
अबरार 'द हंड्रेड' में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2,55,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.3 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। सनराइजर्स फ्रेंचाइजी को अपने इस फैसले के लिए भारत में क्रिकेट फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। फैंस के मुताबिक टीम की मालकिन काव्या मारन का पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ है।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदने की थी चर्चा
नीलामी से पहले भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदे जाने की चर्चा चली थी। इस दौरान संभावित 'शैडो बैन' की खबरें भी सामने आई थीं। टीम के कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि उन्होंने साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार के बारे में राय ली थी। उसी आधार पर उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के भीतर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने को लेकर कोई विशेष मीटिंग नहीं हुई थी।
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उस्मान तारिक
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उस्मान तारिक को भी मिला खरीददार
बता दें कि 'द हंड्रेड' में पुरुषों के लिए हुई नीलामी में अबरार अहमद के अलावा उस्मान तारिक दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें खरीदा गया। तारिक को बर्मिंघम फोएनिक्स ने 187,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 1.7 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद ने पिछले साल 'द हंड्रेड' की लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था।
यह टीम पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। फ्रेंचाइजी ने ईसीबी से 49 प्रतिशत और यॉर्कशायर से 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर टीम का नियंत्रण अपने नाम किया था। हालांकि, नीलामी से पहले सभी आठ फ्रेंचाइजी ने यह साफ किया था कि खिलाड़ी चयन केवल प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर किया जाएगा। सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बिडिंग वॉर में खरीदा।
अबरार ने किए थे विवादित पोस्ट
विवाद की मुख्य वजह साल 2025 में कथित तौर पर अबरार द्वारा किए गए कुछ विवादित सोशल मीडिया पोस्ट बताए जा रहे हैं। उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था और आरोप है कि अबरार ने ऐसे पोस्ट साझा किए थे जिनमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। जैसे ही उनके साइन किए जाने की खबर सामने आई, एक्स पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आलोचकों का कहना है कि भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान करने वाले खिलाड़ी को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट देकर फ्रेंचाइजी मालिकों ने रणनीतिक फायदे के लिए देश की भावनाओं को नजरअंदाज किया है।