श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया। भारत के खिलाफ अपनी पहली तीन टेस्ट पारियों में 100, 84 और 103 रन बनाने वाले दिनुषा ऐसा करने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के कई दिग्गजों की बराबरी की और स्पिन के खिलाफ अपनी खास स्वीप बल्लेबाजी से भी नया रिकॉर्ड बनाया।
श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जो बल्लेबाजी की है, उसने उन्हें अचानक क्रिकेट की दुनिया में चर्चा का बड़ा नाम बना दिया है। दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने शानदार शतक जड़कर न सिर्फ श्रीलंका को फॉलोऑन से उबारने की कोशिश की, बल्कि अपने नाम कई बड़े रिकॉर्ड भी कर लिए।
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सोनल दिनुषा
- फोटो : IANS
सोनल दिनुषा की पारियां
भारत के खिलाफ अपनी पहली तीन टेस्ट पारियों में दिनुषा ने 100, 84 और 103 रन बनाए हैं। यानी तीन पारियों में दो शतक और एक अर्धशतक। खास बात यह है कि तीनों पारियों में उन्होंने 80 से ज्यादा रन बनाए हैं और उनकी बल्लेबाजी में जिस तरह का नियंत्रण दिखाई दिया, वह उनके छोटे से टेस्ट करियर के लिए बेहद खास है। उनकी मौजूदा पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि वह श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने से बचाने के लिए अकेले जूझते दिखे। ऐसे मुश्किल हालात में दिनुषा ने जिम्मेदारी संभाली और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ शानदार धैर्य दिखाया।
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सोनल दिनुषा
- फोटो : IANS
भारत के खिलाफ लगातार टेस्ट में शतक लगाने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज
दिनुषा अब श्रीलंका के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ लगातार टेस्ट में शतक लगाए हैं। इस सूची में अरविंदा डी सिल्वा, कुमार संगकारा, सनथ जयसूर्या, महेला जयवर्धने और एंजेलो मैथ्यूज जैसे दिग्गज शामिल हैं। दिनुषा के लिए यह उपलब्धि इसलिए और बड़ी है क्योंकि उनका टेस्ट करियर अभी शुरुआती दौर में ही है।
बल्लेबाज
साल
भारत के खिलाफ उपलब्धि
अरविंदा डी सिल्वा
1997
3 टेस्ट में 4 शतक
कुमार संगकारा
2009-10
लगातार टेस्ट में शतक
सनथ जयसूर्या
1997
लगातार टेस्ट में 2 शतक
महेला जयवर्धने
2001
लगातार टेस्ट में 2 शतक
थरंगा परानविताना
2010
लगातार टेस्ट में 2 शतक
एंजेलो मैथ्यूज
2015
लगातार टेस्ट में 2 शतक
सोनल दिनुषा
2026
लगातार टेस्ट में 2 शतक
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सोनल दिनुषा
- फोटो : IANS
पहले दो टेस्ट में भारत के खिलाफ दो शतक
दिनुषा ने अब अपने नाम को उन बल्लेबाजों की सूची में दर्ज करा दिया है, जिन्होंने भारत के खिलाफ अपने शुरुआती दो टेस्ट में ही दो शतक लगाए। इस सूची में वेस्टइंडीज के महान एवर्टन वीक्स और सर गैरी सोबर्स से लेकर जहीर अब्बास, गैरी कर्स्टन और जेसी राइडर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बल्लेबाज
टीम
साल
पहले दो टेस्ट में शतक
एवर्टन वीक्स
वेस्टइंडीज
1948
2
सर गैरी सोबर्स
वेस्टइंडीज
1958
2
जहीर अब्बास
पाकिस्तान
1978
2
दलीप मेंडिस
श्रीलंका
1982
2
रॉबिन स्मिथ
इंग्लैंड
1990
2
गैरी कर्स्टन
दक्षिण अफ्रीका
1996
2
जेसी राइडर
न्यूजीलैंड
2009
2
सोनल दिनुषा
श्रीलंका
2026
2
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सोनल दिनुषा
- फोटो : IANS
पहले तीन टेस्ट पारियों में 80 से ज्यादा रन, सिर्फ दो दिग्गजों के बाद
दिनुषा ने जहीर अब्बास और एवर्टन वीक्स जैसे महान बल्लेबाजों के साथ अपना नाम जोड़ लिया है। जहीर अब्बास ने भारत के खिलाफ अपनी पहली तीन पारियों में 176, 96 और नाबाद 235 रन बनाए थे, जबकि एवर्टन वीक्स ने 128, 194 और 162 रन बनाए। वीक्स ने तो भारत के खिलाफ अपनी पहली चार पारियों में शतक लगाए थे और पांचवीं पारी में 90 रन पर आउट हुए थे। दिनुषा का 100, 84 और 100 का रिकॉर्ड इसीलिए बेहद खास है।
बल्लेबाज
भारत के खिलाफ
पहली 3 टेस्ट पारियां
जहीर अब्बास
176, 96, 235*
एवर्टन वीक्स
128, 194, 162
सोनल दिनुषा
100, 84, 103
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सोनल दिनुषा
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स्पिन के खिलाफ स्वीप बना दिनुषा का सबसे बड़ा हथियार
दिनुषा की बल्लेबाजी की सबसे खास बात सिर्फ उनके शतक नहीं हैं। उन्होंने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ स्वीप शॉट को जिस अंदाज में इस्तेमाल किया है, उसने उन्हें एक अलग पहचान दी है। दिनुषा ने इस सीरीज में स्पिन के खिलाफ स्वीप, स्लॉग स्वीप, पारंपरिक स्वीप और रिवर्स स्वीप के जरिए 115* रन बनाए हैं। इस सूची में वह जो रूट के 160 रन के बाद दूसरे स्थान पर हैं। यानी स्पिन के खिलाफ स्वीप उनका सबसे प्रभावी हथियार बन चुका है।
बल्लेबाज
सीरीज
स्पिन के खिलाफ
स्वीप से रन
जो रूट
श्रीलंका, 2021
160
सोनल दिनुषा
भारत, 2026
115*
बेन डकेट
पाकिस्तान, 2022
112
जो रूट
भारत, 2021
106
यूनिस खान
ऑस्ट्रेलिया, 2014
103
मिस्बाह-उल-हक
इंग्लैंड, 2015
103
जो रूट
भारत, 2016
101
बेन डकेट
भारत, 2024
101
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सोनल दिनुषा
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स्पिन के खिलाफ 295+ रन, 130+ रन स्वीप से
दिनुषा ने अपने छोटे से टेस्ट करियर में स्पिन के खिलाफ कुल 295 से ज्यादा रन बनाए हैं। इनमें से 130 से ज्यादा रन उन्होंने स्वीप शॉट्स के जरिए बनाए हैं। यह उनके स्पिन खेलने के अंदाज को और स्पष्ट करता है। स्पिन के खिलाफ उनके कुल रनों का करीब 43 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा स्वीप से आया है। इन शॉट्स से उन्होंने 12 चौके और पांच छक्के लगाए हैं और खास बात यह है कि उन्हें अब तक इन शॉट्स पर आउट भी नहीं किया गया है। उनका स्वीपिंग स्ट्राइक रेट करीब 170 का है, जो बताता है कि वह सिर्फ स्पिन को रोकने के लिए स्वीप नहीं खेलते, बल्कि उसे आक्रामक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं।
फॉलोऑन में श्रीलंका के लिए बने सबसे बड़े सहारे
भारत ने पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में श्रीलंका के लिए यह स्थिति बेहद खराब रही है। श्रीलंका ने जिन 27 टेस्ट में फॉलोऑन के बाद दोबारा बल्लेबाजी की, उनमें उसे 24 मुकाबलों में हार मिली और सिर्फ तीन मैच ड्रॉ रहे। ऐसे में दिनुषा का शतक उस टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो पहले ही बेहद मुश्किल स्थिति में थी।
निचले क्रम ने भी भारत को खूब परेशान किया
दिनुषा के शतक के अलावा श्रीलंका की निचले क्रम की बल्लेबाजी ने भी भारत को परेशान किया। यह दूसरी बार है जब भारत के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में श्रीलंका के आखिरी तीन विकेटों ने 40 से ज्यादा ओवर बल्लेबाजी की। इससे पहले 2010 में पी. सारा ओवल में श्रीलंका के आखिरी तीन विकेटों ने 54 ओवर तक बल्लेबाजी की थी। उस समय श्रीलंका 31.2 ओवर में 87/7 था और आखिर में 85.2 ओवर में 267 रन पर ऑलआउट हुआ था। भारत के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में आखिरी तीन विकेटों के 40 से ज्यादा ओवर तक टिकने का इससे हालिया उदाहरण दक्षिण अफ्रीका का था। 2019 में पुणे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के आखिरी तीन विकेटों ने 61.2 ओवर बल्लेबाजी की थी।
दिनुषा की कहानी अभी शुरू हुई है
सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज में जो किया है, वह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है। तीन पारियों में 100, 84 और 103 रन, लगातार टेस्ट में दो शतक, भारत के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट में दो शतक और पहली तीन पारियों में 80 से ज्यादा रन, ये सभी आंकड़े उनके शानदार आगाज की गवाही दे रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दिनुषा ने यह प्रदर्शन तब किया है, जब श्रीलंका लगातार दबाव में रहा और उसके चार पांच विकेट गिर चुके थे। ऐसे में उनका संयम, स्पिन के खिलाफ आक्रामकता और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता उन्हें इस सीरीज की सबसे बड़ी खोजों में से एक बना रही है।