एलएसजी और केकेआर के बीच खेले गए इस मुकाबले में जहां रिंकू सिंह और सुनील नरेन ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं लखनऊ की रणनीतिक गलती ने मैच उनसे छीन लिया। सुपर ओवर में निकोलस पूरन को भेजने का फैसला गलत साबित हुआ, जिस पर कप्तान ऋषभ पंत और कोच जस्टिन लैंगर को आलोचना झेलनी पड़ी। खराब आंकड़ों के बावजूद लिया गया यह फैसला एलएसजी के लिए भारी पड़ गया और टीम को एक और हार का सामना करना पड़ा।
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपरजाएंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं था। मैच आखिरी गेंद तक गया, जहां मोहम्मद शमी के छक्के ने स्कोर बराबर कर दिया और मुकाबला सुपर ओवर में पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद जो हुआ, उसने लखनऊ की रणनीति और कप्तानी दोनों पर सवाल खड़े कर दिए।
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ऋषभ पंत-रिंकू सिंह
- फोटो : IANS
रिंकू सिंह और नरेन ने पलटा पूरा खेल
रिंकू सिंह ने नाबाद 83 रन की शानदार पारी खेलकर केकेआर को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। वहीं सुपर ओवर में सुनील नरेन ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ एक रन देकर दो विकेट झटके। नतीज- एलएसजी सिर्फ एक रन बना सकी, जो आईपीएल इतिहास का सबसे कम सुपर ओवर स्कोर बन गया। इसके जवाब में केकेआर ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
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पूरन और नरेन
- फोटो : IPL/BCCI
सबसे बड़ा सवाल- पूरन को क्यों भेजा गया?
सुपर ओवर में लखनऊ ने निकोलस पूरन और एडेन मार्करम को बल्लेबाजी के लिए भेजा। यह फैसला चौंकाने वाला था क्योंकि टीम के पास ऋषभ पंत, मिचेल मार्श और मुकुल चौधरी जैसे विकल्प मौजूद थे। पूरन उस मैच में पहले ही नौ रन बनाकर आउट हो चुके थे और पूरे सीजन में उनका फॉर्म बेहद खराब रहा है। वह आईपीएल 2026 में अब तक आठ मैचों में सिर्फ 82 रन बना सके हैं।
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नरेन और पूरन
- फोटो : ANI
पूरन vs नरेन: कहानी बद से बदतर हो गई
जब 12 साल पहले सुपर ओवर में पूरन और नरेन आमने-सामने आए थे, तब भी नतीजा लगभग ऐसा ही रहा था। पूरन पहली चार गेंदों पर कोई शॉट ठीक से कनेक्ट नहीं कर पाए थे और पांचवीं गेंद पर लॉन्ग-ऑफ पर कैच आउट हो गए थे। इस बार भी कहानी नहीं बदली, बल्कि और खराब हो गई। सुपर ओवर की पहली ही गेंद पर नरेन ने पूरन को बोल्ड कर दिया, जिससे लखनऊ की उम्मीदें शुरुआत में ही खत्म हो गईं।
सुपर ओवर की पहली ही गेंद पर पूरन ने तेज गति से डाली गई ऑफ स्पिन गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह चूक गए और नरेन ने उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके तुरंत बाद मार्करम भी सिर्फ तीन गेंदों के भीतर आउट हो गए, जिससे लखनऊ की पारी बिखर गई। इसके बाद केकेआर ने दो रन का मामूली लक्ष्य बेहद आसानी से हासिल कर लिया और लखनऊ को उनके घरेलू मैदान पर लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा।
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लखनऊ और केकेआर
- फोटो : ANI
आंकड़े क्या कहते हैं?
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो यह फैसला और भी हैरान करता है, क्योंकि सुपर ओवर में पूरन का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। उन्होंने सुपरओवर में कुल 10 गेंदों में सिर्फ एक रन बनाए हैं। वह पांच बार आउट हो चुके हैं। इतना ही नहीं, सुनील नरेन के खिलाफ सुपर ओवर में आठ गेंदों पर वह सिर्फ एक रन ही बना सके हैं। यानी जिस बल्लेबाज को सबसे अहम मौके पर भेजा गया, उसके आंकड़े इस फैसले के बिल्कुल खिलाफ थे।
टी20 सुपर ओवर में पूरन vs नरेन:
कैरिबियाई प्रीमियर लीग 2014: 0 रन (5 गेंद)
कैरिबियाई प्रीमियर लीग 2021: 1 रन (2 गेंद)
आईपीएल 2026: 0 रन (1 गेंद)
कुल: 8 गेंदों में सिर्फ 1 रन, 2 बार आउट
नंबर झूठ नहीं बोलते
कोच लैंगर ने भले ही पूरन पर भरोसा जताया हो, लेकिन आंकड़े इस फैसले के बिल्कुल उलट कहानी बताते हैं, खासतौर पर जब सामने गेंदबाज नरेन हों। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि सुपर ओवर जैसे हाई-प्रेशर मोमेंट में पूरन का रिकॉर्ड नरेन के खिलाफ बेहद कमजोर रहा है। ऐसे में उन्हें सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए भेजना एक बड़ा जोखिम था, जो आखिरकार लखनऊ टीम पर भारी पड़ गया।
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रसेल और सुनील नरेन
- फोटो : IPL
ओवरऑल रिकॉर्ड क्या कहता है?
अगर कुल टी20 मुकाबलों की बात करें तो पूरन का रिकॉर्ड नरेन के खिलाफ इतना खराब भी नहीं दिखता।
रन: 207
गेंद: 168
स्ट्राइक रेट: 123.2
यानी सामान्य परिस्थितियों में पूरन, नरेन के खिलाफ रन बना लेते हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी ठीक-ठाक है। लेकिन असली फर्क सिचुएशन का है। जहां सामान्य मैच में यह आंकड़े संतुलित नजर आते हैं, वहीं सुपर ओवर जैसे हाई-प्रेशर मोमेंट में पूरन का प्रदर्शन पूरी तरह गिर जाता है। यही वजह रही कि ओवरऑल अच्छे दिखने वाले आंकड़ों के बावजूद, इस खास स्थिति में यह फैसला गलत साबित हुआ।
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पंत
- फोटो : IPL/BCCI
पंत पर फूटा फैंस का गुस्सा
एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के निशाने पर आ गए। फैंस का कहना था कि पंत को पूरन और नरेन के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी होनी चाहिए थी। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इतने बड़े मैच में ऐसा जोखिम भरा फैसला क्यों लिया गया। कुछ फैंस का मानना था कि पंत खुद या मिचेल मार्श या फिर मुकुल चौधरी को पहले भेजना चाहिए था, जिससे टीम को बेहतर शुरुआत मिल सकती थी।
कोच जस्टिन लैंगर का बचाव
मैच के बाद कोच जस्टिन लैंगर ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि सुनील नरेन ही गेंदबाजी करेंगे। और अगर आप देखें तो निकी (पूरन) ने दुनिया में सबसे ज्यादा बार नरेन का सामना किया है। हमें लगा कि वही सबसे अच्छा विकल्प है।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे पता है कि वह फॉर्म में नहीं हैं और निकी खुद भी इसे मानेंगे, लेकिन हमने सोचा कि अगर कोई सुपर ओवर संभाल सकता है, तो वह निकी पूरन हैं। आप अपने बेस्ट खिलाड़ियों पर भरोसा करते हैं। हालांकि, इस मैच में यह काम नहीं आया।'
भ्रमित हुए या गलत आकलन?
लैंगर का यह तर्क आंकड़ों के सामने कमजोर नजर आता है। भले ही पूरन ने नरेन का सामना ज्यादा बार किया हो, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट और सुपर ओवर प्रदर्शन इस फैसले को सही ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। क्रिकेट में अनुभव और रिकॉर्ड दोनों मायने रखते हैं, लेकिन सही समय पर सही खिलाड़ी चुनना ही असली रणनीति होती है और यहीं एलएसजी चूक गई।
लगातार हार से दबाव में लखनऊ
यह हार एलएसजी की लगातार पांचवीं हार रही और टीम अब पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच गई है। कप्तान पंत और टीम मैनेजमेंट के लिए यह बड़ा झटका है। हालांकि टीम के पास अगला मैच खेलने से पहले सात दिन का समय है, जिसमें उन्हें अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा।