धोनी ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे में खेलते रहने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि हम कोई नहीं होते किसी को बताने वाले कि वह कब तक खेल सकते हैं। धोनी ने कहा कि उम्र कोई मायने नहीं रखता। फिटनेस ही सबकुछ है। अगर रोहित और विराट में अब भी देश को देने के लिए कुछ है, तो वह 2027 वनडे विश्व कप में क्यों नहीं खेल सकते।
टी20 विश्व कप को शुरू होने में अब बस तीन दिन रह गए हैं। भारतीय टीम आगामी विश्व कप में खिताब का बचाव करने उतरेगी। रोहित शर्मा की अगुआई और विराट कोहली के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने 2024 में दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता था। हालांकि, अब ये दोनों सितारे इस विश्व कप में नहीं दिखेंगे। रोहित और कोहली, दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले लिया है। अब ये दोनों सिर्फ वनडे में दिखते हैं। हालांकि, दोनों ने वनडे में भविष्य में क्रिकेट जारी रखने को लेकर कोई कमिटमेंट नहीं दिया है। ऐसे में भारत के सफलतम कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी चाहते हैं कि रोहित और कोहली खेलना जारी रखें। साथ ही धोनी ने यह भी बताया कि क्यों वह कमेंट्री में हाथ नहीं आजमाते। इसके लेकर उन्होंने मजेदार कारण बताया।
विज्ञापन
2 of 13
धोनी और विजेता टीम इंडिया
- फोटो : PTI/ICC
इंटरव्यू में धोनी ने रखे अपने विचार
धोनी ने कोहली और रोहित का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्हें कोई यह न बताए कि वे खेलना जारी रख सकते हैं या नहीं। धोनी ने टीवी प्रेजेंटर जतिन सप्रू के साथ एक इंटरव्यू में भारतीय क्रिकेट पर अपने विचार व्यक्त किए। लगभग आधे घंटे की बातचीत के दौरान जब रोहित (38 वर्ष) और कोहली (37 वर्ष) के 2027 वनडे विश्व कप खेलने की संभावना को लेकर बात हुई तो धोनी ने पहले चुटकी लेते हुए कहा, 'माफ कीजिए, सवाल क्या है।'
विज्ञापन
3 of 13
टी20 विश्व कप ट्रॉफी के साथ कोहली और रोहित
- फोटो : ANI
'किसी को उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं'
इसके बाद धोनी ने तुरंत ही गंभीर लहजा अपनाते हुए पूछा, 'क्यों नहीं। किसी को विश्व कप क्यों नहीं खेलना चाहिए? मेरे लिए उम्र कोई मापदंड नहीं है। मेरे लिए प्रदर्शन और फिटनेस ही मापदंड हैं। मेरा मानना है कि किसी को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि सबके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'जब मैंने डेब्यू किया तब मैं 24 साल का था। किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा और अब जब मैं 10 साल या 20 साल से भारत के लिए खेल रहा हूं, तो किसी को आकर मेरी उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं है।'
4 of 13
कोहली और रोहित
- फोटो : ANI
'टीम में अनुभव का होना मायने रखता है'
यह 44 वर्षीय खिलाड़ी अब भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलता है। धोनी ने कहा कि टीम में अनुभव काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, 'चाहे रोहित हों या विराट या अगले पांच वर्षों में उभरने वाले अन्य खिलाड़ी...वे अगला विश्व कप खेल सकते हैं या नहीं, यह तय करना हमारा काम नहीं है। यह उनका काम है। अगर वे अच्छा खेलते रहते हैं। अगर उनमें देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की इच्छा है, तो फिर वे क्यों नहीं खेल सकते।'
विज्ञापन
5 of 13
रोहित-कोहली
- फोटो : PTI
'जब तक कि वह सचिन तेंदुलकर जैसा न हो'
धोनी ने कहा, 'आपको अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकते। आपको 20 साल की उम्र वाला कोई अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकता, जब तक कि वह सचिन तेंदुलकर जैसा न हो। आप जानते हैं कि उस उम्र में अनुभव तभी मिलता है जब आप 16 या 17 साल की उम्र में खेलना शुरू करते हैं।' धोनी ने कहा कि किसी खिलाड़ी को तब तक अनुभवी नहीं माना जा सकता जब तक कि उसने अपने करियर में लंबे समय तक दबाव का सामना न किया हो।
विज्ञापन
6 of 13
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली
- फोटो : Unacademy Road Safety World Series/PTI
'दबाव में खेलना महत्वपूर्ण होता है...'
उन्होंने कहा, 'अगर आप 20-25 मैचों को अनुभव कह रहे हैं, तो वे अनुभवी नहीं हैं क्योंकि खिलाड़ियों के लिए दबाव में खेलना महत्वपूर्ण होता है। मुझे वह अनुभव हासिल करने के लिए 80-85 मैच खेलने होंगे और फिर यह सीखना होगा कि अपने मन को कैसे काबू में रखूं, अपनी भावनाओं को कैसे नियंत्रित करूं और दबाव में कैसे अच्छा प्रदर्शन करूं। इसलिए मुझे लगता है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का सही संयोजन बहुत महत्वपूर्ण होता है।'
विज्ञापन
7 of 13
रोहित-कोहली
- फोटो : PTI
'सभी के साथ समान व्यवहार करना जरूरी है'
भारत के मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अब केवल वनडे में खेलने वाले रोहित और कोहली के भविष्य पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। धोनी ने कहा कि जो भी खिलाड़ी फिट रहकर अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, उसे उम्र की परवाह किए बिना अपनी जगह बनाए रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'सभी के साथ समान व्यवहार करना जरूरी है। जो लोग अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे टीम में होंगे। जो लोग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, उन्हें वहां जगह नहीं मिलेगी। अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है तो आप उसे किसी भी समय बाहर निकाल सकते हैं। अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है तो आप उसका आकलन करेंगे।' धोनी ने कहा, 'इसलिए चयन के मामले में किसी भी खिलाड़ी के बारे में कोई सवाल नहीं होना चाहिए। केवल एक ही मानदंड है। आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, आप फिट हैं तो खेलना जारी रखिए।'
8 of 13
कपिल देव और धोनी
- फोटो : BCCI
'आंकड़ों के मामले में कच्चा हूं...'
धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है और कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है। भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुवाई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं, लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं। क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है।
9 of 13
साक्षी और धोनी की तस्वीरें
- फोटो : Instagram
'आंखों देखा हाल सुनाने और आलोचना के बीच मामूली अंतर'
धोनी ने कहा, 'कमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है। अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।'
10 of 13
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : JSCA (videograb)
आंकड़ों को याद नहीं कर पाते धोनी
धोनी ने कहा, 'लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कमेंट्री की कला है।' इस काम की नाजुक प्रकृति के अलावा धोनी को लगता है कि वह आंकड़ों को याद नहीं कर पाते हैं जिस कारण वह इस काम के लिए खुद को फिट नहीं मानते हैं। यहां तक कि उन्हें अपने आंकड़े भी याद नहीं रहते हैं।
11 of 13
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : ANI
'अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे...'
धोनी ने कहा, 'मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं। लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं। वे आंकड़े जानते हैं। अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि प्रत्येक युग के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं।' अपने खेल के दिनों में कई बार कड़े फैसले लेने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है।
12 of 13
धोनी और कोहली
- फोटो : ANI
'मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं...'
उन्होंने कहा, 'मैं एक अच्छा श्रोता हूं। मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं। लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं। अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है।' धोनी ने मुस्कराते हुए स्वीकार किया कि फोन पर जवाब देने में वह अब भी खुद को कच्चा मानते हैं।
'मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं'
उन्होंने कहा, 'मैं उस तरह से संवाद करने में अच्छा नहीं हूं। मुझे आमने-सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है। मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं क्योंकि मैं किसी का चेहरा नहीं देख सकता। इसलिए फोन पर बात करने के मामले में मैं बहुत असहज महसूस करता हूं।' धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है।'