ईशान ने इंतजार को यादगार बना दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्वकप 2026 मैच में उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, जिसमें सात चौके, दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने 185 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ अर्धशतक पूरा किया।
क्रिकेट में कुछ कहानियां सिर्फ आंकड़ों की नहीं होतीं, वे जज्बे, धैर्य और खुद पर भरोसे की मिसाल बन जाती हैं। ईशान किशन की वापसी भी ऐसी ही रही। दिसंबर 2023 में टीम से बाहर होने के बाद ठीक दो साल बाद दिसंबर 2025 में उन्होंने फिर से भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की टी20 स्क्वॉड में जगह बनाई और उन्हों क्या कमाल की वापसी की है। पिछले कुछ मैचों में शानदार पारियों के बाद जब उन्हें मौका मिला सबसे बड़े मंच पर, यानी पाकिस्तानटीम के खिलाफ, तो उन्होंने इस मौके का क्या शानदार फायदा उठाया है।
विज्ञापन
2 of 13
ईशान किशन
- फोटो : ICC
ईशान ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच को यादगार बना दिया। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्वकप 2026 मैच में उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, जिसमें सात चौके, दो छक्के शामिल हैं। उन्होंने 185 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ अर्धशतक पूरा किया। इस कड़ी में उन्होंने पाकिस्तान के प्रीमियम पेसर से लेकर स्पिनर तक, हर किसी पर हमला बोला। पाकिस्तान के प्रीमियम बॉलर शाहीन अफरीदी जब तीसरे ओवर में गेंदबाजी के लिए आए, उस ओवर में ईशान ने दो चौके और एक छक्का लगाया। फिर सैम अयूब और अबरार अहमद दोनों की पिटाई की। ईशान 40 गेंद में 10 चौके और तीन छक्के की मदद से 77 महत्वपूर्ण रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने ये छक्के चौके कोलंबो के उस प्रेमदासा स्टेडियम पर बनाए, जहां की बाउंड्री दोनों साइड पर 70+ मीटर की और सामने में 80+ मीटर की है।
विज्ञापन
3 of 13
ईशान किशन
- फोटो : twitter
ईशान किशन के रिकॉर्ड
पावरप्ले में उन्होंने व्यक्तिगत 42 रन बनाए, जो कि भारत-पाकिस्तान टी20 मुकाबलों में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने शुभमन गिल के 35 रनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सबसे तेज अर्धशतक लगाने के मामले में ईशान किशन तीसरे नंबर पर आ गए हैं। इस मामले में रिकॉर्ड अब भी मोहम्मद हफीज के नाम है।
हफीज ने 2012 में अहमदाबाद में 23 गेंदों में फिफ्टी ठोकी थी। इसके बाद 24 गेंदों में अर्धशतक लगाने का कारनामा अभिषेक शर्मा ने 2025 में दुबई में किया।
वहीं, ईशान के बाद नंबर युवराज सिंह का आता है, जिन्होंने 2012 में ही अहमदाबाद में 29 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी।
ईशान किशन ने 77 रन बनाकर भारत-पाकिस्तान मैच में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर वाले खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह बना ली है। वह इस लिस्ट में कोहली, रिजवान के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गए।
भारत-पाकिस्तान टी20 में सबसे तेज अर्धशतक
(गेंदों के हिसाब से)
गेंद
बल्लेबाज
स्थान
साल
23
मोहम्मद हफीज
अहमदाबाद
2012
24
अभिषेक शर्मा
दुबई
2025
27
ईशान किशन
आर प्रेमदासा स्टेडियम
2026*
29
युवराज सिंह
अहमदाबाद
2012
भारत-पाकिस्तान T20I में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
रन
बल्लेबाज
स्थान
वर्ष
82*
विराट कोहली
मेलबर्न
2022
79*
मोहम्मद रिजवान
दुबई
2021
78*
विराट कोहली
प्रेमदासा
2012
77
ईशान किशन
प्रेमदास
2026
75
गौतम गंभीर
जोहानिसबर्ग
2007
4 of 13
ईशान किशन
- फोटो : PTI
कमबैक के बाद ईशान किशन ने कितने रन बनाए?
ईशान किशन का हालिया फॉर्म बताता है कि वह लय में हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की ताजा पारी ने उनके आत्मविश्वास पर मुहर लगा दी। इससे पहले नामीबिया के विरुद्ध 61 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 53 रन, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रन की शतकीय पारी ने दुनिया को मजबूत संदेश दिया था। छोटी पारियां जरूर आईं, लेकिन बड़े स्कोर लगातार मैच पर असर डाल रहे हैं। कमबैक के बाद कुल 426 रन इस बात का संकेत हैं कि इशान सिर्फ वापसी नहीं कर रहे, बल्कि टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं।
कमबैक के बाद ईशान किशन टी20 अंतरराष्ट्रीय में
मैच
रन
मैदान
भारत vs पाकिस्तान
77
आर प्रेमदासा स्टेडियम
भारत vs नामीबिया
61
दिल्ली
भारत vs यूएसए
20
वानखेड़े स्टेडियम
भारत vs द. अफ्रीका
53
डीवाई पाटिल स्टेडियम
भारत vs न्यूजीलैंड
103
तिरुवनंतपुरम
भारत vs न्यूजीलैंड
28
गुवाहाटी
भारत vs न्यूजीलैंड
76
रायपुर
भारत vs न्यूजीलैंड
8
नागपुर
हालांकि, ईशान किशन की टी20 में वापसी आसान नहीं रही है। इस दौरान उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। आइए ईशान किशन के कमबैक की कहानी जानते हैं...
विज्ञापन
5 of 13
ईशान किशन
- फोटो : PTI
दिसंबर 2023: जब सब कुछ थम सा गया
दिसंबर 2023 में ईशान किशन ने निजी कारणों का हवाला देते हुए चयनकर्ताओं से ब्रेक मांगा। इसके बाद उन्हें केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया। यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला था क्योंकि एक साल पहले ही उन्होंने वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा था और ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में वह भारत के प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज थे। इसके बाद दो साल तक ईशान राष्ट्रीय टीम की योजनाओं से बाहर नजर आए।
दिसंबर 2025: वापसी, जो किसी सपने से कम नहीं
दिसंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन ने जोरदार वापसी की। उन्होंने झारखंड को उसका पहला एसएमएटी खिताब दिलाया, टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाए और करीब 197 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। यही प्रदर्शन उन्हें 2026 टी20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम तक ले गया।
विज्ञापन
6 of 13
ईशान किशन
- फोटो : PTI
जगी परिपक्वता, बदली सोच
पूर्व झारखंड बल्लेबाज ईशांक जग्गी, जो किशन को 16 साल की उम्र से जानते हैं, मानते हैं कि ईशान अब ज्यादा परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। ईएसपीएनक्रिकइनफो ने जग्गी के हवाले से लिखा, 'अब ईशान अपने खेल और जिंदगी दोनों को बेहतर समझते हैं। उनमें पहले की तुलना में ज्यादा स्थिरता और स्पष्टता है।' उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं से डरने के बजाय ईशान ने उन्हें चुनौती की तरह लिया।
विज्ञापन
7 of 13
ईशान किशन
- फोटो : BCCI- videograb
घरेलू क्रिकेट बना सहारा
टीम से बाहर रहने के दौरान ईशान ने घरेलू क्रिकेट में खुद को दोबारा खड़ा किया। कड़ी मेहनत और खुद की फिटनेस पर ध्यान देते हुए लगातार प्रैक्टिस जारी रखी। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में शतक, रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में निरंतर रन, यह सब उनकी वापसी की नींव बना। आईपीएल 2025 में भी उनका प्रदर्शन संतुलित रहा।
8 of 13
ईशान किशन
- फोटो : ANI
'ईशान एक एलीट खिलाड़ी'
ईशांक जग्गी ने कहा, 'मानसिक रूप से ईशान एक एलीट खिलाड़ी हैं। उनके साथ अतीत में कुछ चीजें हुई हैं। आप इसे बदकिस्मती कह सकते हैं, दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं कह सकते हैं या बचपना भी कह सकते हैं, लेकिन अंततः इन सब से उबरकर प्रदर्शन करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इन घटनाओं के बाद जिस तरह उन्होंने खुद को फिर से उठाया, उसका पूरा श्रेय उन्हें ही जाता है।'
9 of 13
ईशान किशन
- फोटो : PTI
'ईशान के अंदर स्पष्टता'
जग्गी ने बताया, 'कई बार क्या होता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर हम अपने खेल के किसी एक पहलू को सुधारने में लग जाते हैं और अपनी कुछ ताकतों को नजरअंदाज कर देते हैं। पिछले साल रणजी ट्रॉफी के दौरान मैचों के बीच एक ब्रेक था और तभी वह मेरे पास आए और बोले- भैया, मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम करना चाहता हूं। मैं उन्हें 16 साल से जानता हूं और उनकी ताकतों और कमजोरियों को बहुत करीब से देखा है। मुझे पता है कि वह कैसे खेलते हैं और किसमें अच्छे हैं। उन्हें यह बिल्कुल साफ था कि किन क्षेत्रों में उन्हें सुधार करना है और किन फॉर्मेट्स को वह टारगेट कर रहे हैं। जब किसी खिलाड़ी में इतनी स्पष्टता होती है, तो उसे गाइड करना आसान हो जाता है।'
इसके बाद ईशान किशन ने जल्द ही अपनी लय पकड़ ली और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने लगे। एक साल से ज्यादा समय बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने पिछले घरेलू सत्र में दलीप ट्रॉफी के एक मैच में इंडिया सी के लिए 111 रन की शानदार पारी खेली। जग्गी ने कहा, 'मैंने कुछ भी अलग या असामान्य नहीं किया। उसके अंदर हमेशा एक एलीट स्तर के खिलाड़ी वाली सोच रही है। बस कुछ बहुत छोटे-छोटे बदलावों की जरूरत थी। कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।'
10 of 13
ईशान किशन
- फोटो : PTI
कप्तान के रूप में भी छाप
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ईशान की कप्तानी भी चर्चा में रही। आक्रामक फैसले, खिलाड़ियों पर भरोसा और निडर क्रिकेट, उनकी सोच का असर पूरी झारखंड टीम पर दिखा। साथी खिलाड़ियों के मुताबिक, ईशान मैदान पर खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं और मुश्किल हालात में भी उनका साथ नहीं छोड़ते।
11 of 13
ईशान किशन
- फोटो : ANI
'गेंदबाजों का साथ देते हैं ईशान'
झारखंड के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा, जो सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 11 मैचों में 22 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, उन्होंने विराट कोहली की बातों को दोहराया। सुशांत ने ईएसपीएन क्रिकइनफो को बताया, 'ईशान भैया कप्तान के तौर पर शानदार हैं। सबसे अहम बात यह है कि वह हर खिलाड़ी का पूरा साथ देते हैं और मैदान पर और मैदान के बाहर दोनों जगह खिलाड़ियों को पूरी स्वतंत्रता देते हैं। अगर मैं रन दे भी दूं, तो भी वह मेरी योजनाओं का समर्थन करते हैं। और अगर मैं फ्लॉप होता हूं, तो साफ-साफ बात कर समझाते हैं। वह गेंदबाजों पर भरोसा करते हैं, जो बहुत जरूरी है। और यह सिर्फ गेंदबाजों के लिए नहीं, बल्कि बल्लेबाजों के लिए भी है। वह खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हैं।'
12 of 13
ईशान किशन
- फोटो : X
अंडर-19 विश्व कप में कप्तानी कर चुके ईशान
किशन के लिए कप्तानी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 2016 में अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी की थी। जग्गी मानते हैं कि किशन में भविष्य के आईपीएल कप्तान बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा, 'उनकी नेतृत्व क्षमता काफी बढ़ गई है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जो फील्ड सेटिंग्स उन्होंने की, वह काबिले तारीफ थी। मैंने तीन साल पहले उन्हें कहा था- भाई, तुम्हारे पास महान कप्तान बनने की स्किल्स हैं, बस अपने खेल को उस स्तर तक बढ़ाओ। समय सब कुछ सही कर देता है और वह इसके पीछे हैं। अपना खेल और हुनर बेहतर बना रहे हैं।'
फिर वही दिसंबर, लेकिन कहानी बदली हुई
इशान किशन ने भारतीय टीम में अपनी जगह खोई थी और अब फिर से हासिल की है। जिस दिसंबर में ईशान किशन का करियर ठहर गया था, उसी दिसंबर में उन्होंने खुद को फिर से भारतीय टीम में साबित कर दिया। दो साल के संघर्ष, उतार-चढ़ाव, आलोचना और चुपचाप मेहनत के बाद, वापसी और फिर दमदार पारियां सिर्फ एक चयन नहीं, बल्कि धैर्य और आत्मविश्वास की जीत है। यह टीम इंडिया की जीत है। ईशान ने साबित किया कि ये बिहारी पाकिस्तान पर भी भारी है।