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IPL 2027: पंत-कुलदीप की अदला-बदली की खबरों ने हिला डाला? जानिए क्या हैं ट्रेड के नियम, यह किस तरह काम करता है

Tue, 23 Jun 2026 03:34 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऋषभ पंत और कुलदीप यादव के बीच हुए हाई-प्रोफाइल ट्रेड ने आईपीएल 2027 से पहले ट्रेड विंडो को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस सौदे ने फैंस के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आईपीएल में ट्रेड कैसे होता है, इसके नियम क्या हैं और किसी खिलाड़ी को एक टीम से दूसरी टीम में भेजने की प्रक्रिया क्या होती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आईपीएल का ट्रेड सिस्टम कैसे काम करता है और पंत-कुलदीप डील क्यों इतनी बड़ी मानी जा रही है।
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पंत और कुलदीप - फोटो : ANI
आईपीएल 2027 शुरू होने में अभी काफी समय है, लेकिन उससे पहले ही एक बड़े ट्रेड ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच हुए हाई-प्रोफाइल सौदे में ऋषभ पंत की दिल्ली वापसी हुई है, जबकि स्टार स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जाएंट्स का हिस्सा बन गए हैं। इस सौदे के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा आईपीएल की ट्रेड विंडो और उसके नियमों को लेकर हो रही है। कई फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर खिलाड़ी बिना नीलामी में गए टीम कैसे बदल लेते हैं। आइए पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।
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कुलदीप यादव और ऋषभ पंत - फोटो : BCCI
क्या होता है आईपीएल ट्रेड?
आईपीएल में ट्रेड का मतलब है कि कोई खिलाड़ी बिना दोबारा नीलामी में शामिल हुए एक फ्रेंचाइजी से दूसरी फ्रेंचाइजी में चला जाए। यह मुख्य रूप से दो तरह से हो सकता है-

1. प्लेयर स्वैप
एक टीम अपना खिलाड़ी दूसरी टीम को देती है और बदले में दूसरी टीम का खिलाड़ी लेती है। चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स से इसी तरह ट्रेड किया था। बदले में सीएसके से रवींद्र जडेजा और सैम करन राजस्थान की टीम में गए थे।

2. कैश ट्रेड
एक टीम किसी खिलाड़ी को दूसरी टीम को ट्रांसफर करती है और बदले में तय रकम प्राप्त करती है। ऋषभ पंत और कुलदीप यादव का मामला प्लेयर स्वैप की श्रेणी में आता है, क्योंकि दोनों फ्रेंचाइजियों ने खिलाड़ियों की अदला-बदली की है।
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पंत और कुलदीप - फोटो : BCCI
पंत-कुलदीप ट्रेड क्यों है खास?
यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े आईपीएल ट्रेड्स में गिना जा रहा है। पंत की वापसी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने 2016 से 2024 तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए 111 मैच खेले थे और टीम के सबसे बड़े चेहरों में शामिल रहे थे।

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सैम करन-संजू सैमसन-रवींद्र जडेजा - फोटो : ANI
ट्रेड विंडो कब खुलती है?
आईपीएल में ट्रेड विंडो आमतौर पर सीजन समाप्त होने के कुछ सप्ताह बाद खुल जाती है। यह प्रक्रिया:
  • अगले ऑक्शन से पहले तक जारी रहती है।
  • ऑक्शन के बाद दोबारा खुलती है।
  • टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ समय पहले बंद हो जाती है।

यानी फ्रेंचाइजियों को अपनी टीम की जरूरतों के हिसाब से खिलाड़ियों को शामिल करने या छोड़ने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
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केएल राहुल और ऋषभ पंत - फोटो : IPL
क्या खिलाड़ी की मंजूरी जरूरी होती है?
जी हां, यह ट्रेड सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। किसी भी खिलाड़ी को उसकी सहमति के बिना दूसरी टीम में नहीं भेजा जा सकता। ट्रेड को अंतिम रूप देने से पहले खिलाड़ी की मंजूरी जरूरी होती है। इसके बाद दोनों फ्रेंचाइजियां शर्तों और वित्तीय पहलुओं पर सहमत होती हैं। यही वजह है कि आईपीएल ट्रेड को अन्य कई लीगों की तुलना में अधिक पारदर्शी माना जाता है।
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कुलदीप यादव-ऋषभ पंत - फोटो : ANI
सैलरी का क्या होता है?
यह डील के नेचर पर निर्भर करता है। अगर खिलाड़ी सीधे ट्रेड होता है, तो नई फ्रेंचाइजी आमतौर पर उसके अनुबंध और वेतन की जिम्मेदारी लेती है। कई मामलों में फ्रेंचाइजियां आपसी सहमति से फाइनेंशियल एडजस्टमेंट भी कर सकती हैं। पंत-कुलदीप ट्रेड में भी दोनों खिलाड़ियों की अनुबंध राशि के अनुसार टीमों ने अपनी रणनीति बनाई है।

पिछले कुछ चर्चित आईपीएल ट्रेड
 
  • सैमसन-जडेजा/करन: सीएसके ने राजस्थान से सैमसन को ट्रेड किया और बदले में करन-जडेजा राजस्थान में गए।
  • हार्दिक पांड्या: गुजरात टाइटंस से मुंबई इंडियंस लौटे और यह आईपीएल इतिहास के सबसे चर्चित ट्रेड्स में शामिल रहा।
  • आवेश खान-देवदत्त पडिक्कल: लखनऊ सुपर जाएंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खिलाड़ी अदला-बदली का बड़ा उदाहरण।
  • रॉबिन उथप्पा: राजस्थान रॉयल्स से चेन्नई सुपर किंग्स पहुंचे थे, जहां कैश डील की चर्चा रही।
  • पंत-कुलदीप: अब इस सूची में ऋषभ पंत और कुलदीप यादव का नाम भी प्रमुखता से जुड़ गया है।
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हार्दिक पांड्या - फोटो : IPL/BCCI
ट्रेड विंडो क्यों है गेम चेंजर?
अक्सर फैंस का ध्यान सिर्फ नीलामी पर रहता है, लेकिन कई बार टीमों का असली पुनर्निर्माण ट्रेड विंडो के दौरान होता है। फ्रेंचाइजियां इस दौरान-

 
  • टीम का संतुलन सुधारती हैं
  • कमजोर विभाग मजबूत करती हैं
  • भविष्य के कप्तान और कोर ग्रुप तैयार करती हैं
  • वेतन संरचना को बेहतर बनाती हैं

यही कारण है कि कई बार एक ट्रेड का असर पूरे सीजन की तस्वीर बदल देता है।
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यशस्वी और हार्दिक - फोटो : ANI
आईपीएल 2027 से पहले क्यों बढ़ी ट्रेड की अहमियत?
ऋषभ पंत और कुलदीप यादव जैसे बड़े भारतीय खिलाड़ियों का टीम बदलना इस बात का संकेत है कि फ्रेंचाइजियां अगले कुछ वर्षों की रणनीति पर काम शुरू कर चुकी हैं। दिल्ली को अपना पुराना कप्तान और मैच विनर बल्लेबाज वापस मिला है, जबकि लखनऊ को भारत के सबसे प्रभावी सीमित ओवर स्पिनरों में से एक कुलदीप यादव मिले हैं।

ऐसे में यह सौदा सिर्फ दो खिलाड़ियों की अदला-बदली नहीं, बल्कि दोनों टीमों की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा माना जा रहा है। आईपीएल 2027 के शुरू होने से पहले ही इस ट्रेड ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी नीलामी से भी बड़ा खेल ट्रेड विंडो में खेला जाता है। हाल ही में मुंबई और राजस्थान के बीच एक और बड़े ट्रेड की बात चल रही है। यह ट्रेड से जुड़ी रिपोर्ट हार्दिक पांड्या और यशस्वी जायसावल को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक के बदले मुंबई ने यशस्वी की मांग की है।
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