भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की निजी जिंदगी भी अक्सर सुर्खियों में रही है। कुछ क्रिकेटरों ने ऐसे रिश्ते चुने, जिनमें उनकी जीवनसाथी पहले शादीशुदा रह चुकी थीं। मुरली विजय, शिखर धवन, अनिल कुंबले और मोहम्मद शमी की कहानियां अलग-अलग मोड़ लिए हुए हैं, लेकिन इन रिश्तों ने सामाजिक सोच और निजी फैसलों पर बहस जरूर छेड़ी।
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इन क्रिकेटर्स ने प्यार के लिए तोड़ी सारी हदें
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क्रिकेट की दुनिया में खिलाड़ियों के बल्ले और गेंद की कहानी तो हर कोई जानता है, लेकिन मैदान से बाहर उनकी जिंदगी भी कई बार उतनी ही दिलचस्प रही है। भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े नामों ने ऐसे रिश्ते चुने, जिनमें उनकी जीवनसाथी पहले शादी कर चुकी थीं। किसी कहानी में दोस्ती और रिश्तों का उलझा हुआ अध्याय आया, तो किसी में बच्चों की जिम्मेदारी और परिवार को स्वीकार करने का साहस दिखा।
इनमें मुरली विजय, शिखर धवन, अनिल कुंबले और मोहम्मद शमी के नाम प्रमुख हैं। हालांकि इन चारों कहानियों का अंत एक जैसा नहीं रहा। किसी का रिश्ता आज भी कायम है, किसी की शादी तलाक पर खत्म हुई और किसी की निजी जिंदगी कानूनी विवादों के कारण लंबे समय तक चर्चा में रही।
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विजय और निकिता
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1. मुरली विजय और निकिता वंजारा: क्रिकेट की दोस्ती से जुड़ी सबसे चर्चित कहानी
भारतीय क्रिकेट की सबसे चर्चित निजी कहानियों में मुरली विजय और निकिता वंजारा का नाम जरूर आता है। निकिता की पहली शादी भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक से हुई थी।
कार्तिक और निकिता ने 2007 में शादी की थी, लेकिन 2012 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद निकिता ने मुरली विजय से शादी कर ली।
इस कहानी की खास बात यह थी कि कार्तिक और विजय सिर्फ साथी क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि दोस्त भी रहे थे। रिश्ते में आए इस मोड़ ने क्रिकेट जगत में खूब चर्चा बटोरी।
मीडिया रिपोर्टों में दोनों के रिश्ते और इसके बाद पैदा हुए तनाव को लेकर कई बातें सामने आईं, हालांकि निजी जिंदगी से जुड़े कई दावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर भी रहा है।
मुरली विजय और निकिता ने बाद में अपनी जिंदगी आगे बढ़ाई और परिवार बनाया। क्रिकेट के मैदान पर विजय की पहचान एक टेस्ट ओपनर के रूप में रही, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का यह अध्याय उनके क्रिकेट करियर से अलग एक बड़ी कहानी बन गया।
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आएशा और धवन
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2. शिखर धवन और आएशा मुखर्जी: दो बेटियों की मां को बनाया जीवनसाथी
शिखर धवन की प्रेम कहानी भी परंपरागत रिश्तों से अलग रही। धवन ने 2012 में आएशा मुखर्जी से शादी की थी। आएशा पहले से शादीशुदा थीं और उनकी पहली शादी से दो बेटियां थीं।
दिल्ली की एक अदालत में दर्ज मामले के विवरण में भी यह तथ्य सामने आया कि धवन ने शादी से पहले आएशा के पिछले विवाह और उनकी दो बेटियों के बारे में जाना था।
धवन और आएशा का एक बेटा भी हुआ, जिसका नाम जोरावर है। धवन ने आएशा की दोनों बेटियों को भी अपने परिवार का हिस्सा माना।
उस समय धवन का यह फैसला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि भारतीय समाज में तलाकशुदा महिला और उसके बच्चों के साथ विवाह को लेकर आज भी कई तरह की सामाजिक धारणाएं मौजूद हैं, लेकिन इस कहानी का अंत सुखद नहीं रहा।
दोनों के बीच रिश्ते में दरार आई और 2021 में अलगाव की खबर सामने आई। अक्तूबर 2023 में दिल्ली की अदालत ने धवन को तलाक दे दिया। अदालत ने मामले में मानसिक क्रूरता के आधार को स्वीकार किया था। धवन अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं। 2026 में उन्होंने सोफी शाइन से दूसरी शादी भी की।
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कुंबले और चेतना
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3. अनिल कुंबले और चेतना: प्यार के साथ बेटी को भी अपनाया
भारत के महान लेग स्पिनर और पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की कहानी इन सभी में सबसे अलग नजर आती है। कुंबले ने 1999 में चेतना रमतियर्था से शादी की थी।
चेतना की इससे पहले शादी हो चुकी थी और उनकी पहली शादी से बेटी आरुणी थी। चेतना अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थी। हाल यह था कि चेतना का प्यार से भरोसा ही उठ गया था।
ऐसे में अनिल के लिए चेतना को मनाना काफी मुश्किल था, लेकिन धीरे-धीरे वह उनका दिल जीतने में कामयाब हुए। साल 1999 में दोनों ने शादी कर ली।
उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में भी चेतना के पहले विवाह के टूटने और इसके बाद एक जुलाई 1999 को अनिल कुंबले से उनकी शादी का जिक्र मिलता है।
यह सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं था। कुंबले ने चेतना की बेटी को भी अपने परिवार का हिस्सा बनाया। उनकी जिंदगी में बेटी की कस्टडी को लेकर कानूनी विवाद भी आया।
अदालत के रिकॉर्ड में कस्टडी को लेकर चले लंबे विवाद और कुंबले की भूमिका का विवरण मिलता है।
यही वजह है कि कुंबले और चेतना की कहानी को अक्सर सिर्फ दूसरी शादी की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि रिश्ते में जिम्मेदारी और परिवार को स्वीकार करने के उदाहरण के तौर पर भी देखा जाता है। आज दोनों के तीन बच्चे हैं।
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शमी और हसीन
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4. मोहम्मद शमी और हसीन जहां: रिश्ता बना, लेकिन कहानी विवादों में उलझ गई
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की शादी भी ऐसी महिला से हुई थी, जिसकी पहले शादी हो चुकी थी। शमी ने 2014 में हसीन जहां से शादी की।
बाद में यह जानकारी सामने आई कि हसीन की इससे पहले शादी सैफुद्दीन से हुई थी और उस रिश्ते से उनकी दो बेटियां थीं। शमी और हसीन की शादी से एक बेटी भी है, लेकिन 2018 के बाद दोनों के रिश्ते में गंभीर विवाद सामने आए।
दोनों अलग रहने लगे और मामला पुलिस तथा अदालत तक पहुंच गया। इस वजह से शमी की निजी जिंदगी लंबे समय तक क्रिकेट की खबरों के साथ-साथ कानूनी खबरों का भी हिस्सा बनी रही।
इस कहानी का शुरुआती हिस्सा प्यार और शादी से जुड़ा था, लेकिन आगे चलकर रिश्ते में आई कड़वाहट ने इसे बिल्कुल अलग दिशा दे दी।
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वेंकटेश और जयंती
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5. वेंकटेश प्रसाद और जयंती: दोस्त ने मिलाया, फिर बनी जिंदगी की साथी
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद की प्रेम कहानी भी पारंपरिक रिश्तों से कुछ अलग रही। जयंती पहले शादीशुदा थीं और तलाक के बाद उनकी मुलाकात प्रसाद से हुई।
वेंकटेश से जयंती की मुलाकात अनिल कुंबले ने 1994 में करवाई थी। उन दिनों अनिल कुंबले बेंगलुरु में टाइटन ब्रांड के लिए काम कर रहे थे और जयंती इसकी पीआरओ थीं।
वेंकटेश कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि जयंती ने ही उन्हें प्रपोज किया था। अगर यह काम उनके जिम्मे होता तो शायद ही वह अपने दिल की बात कभी जयंती से कह पाते।
धीरे-धीरे दोनों करीब आए और शादी का फैसला किया। दोनों ने 22 अप्रैल 1996 को दोनों ने शादी कर ली।
90 के दशक के भारत में तलाकशुदा महिला से शादी करना आज की तुलना में कहीं ज्यादा सामाजिक सवालों से घिरा हुआ था, लेकिन प्रसाद ने इन धारणाओं की परवाह किए बिना जयंती को अपना जीवनसाथी चुना।
एक जैसी शुरुआत, लेकिन चार अलग-अलग कहानियां
इन क्रिकेटरों की कहानियों को सिर्फ इस नजरिए से देखना आसान है कि उन्होंने पहले से शादीशुदा या तलाकशुदा महिलाओं से शादी की, लेकिन हर रिश्ते की परिस्थितियां अलग थीं। मुरली विजय और निकिता की कहानी क्रिकेट की दुनिया के बेहद चर्चित रिश्तों में शामिल हुई। शिखर धवन और आएशा ने उम्र, पिछली शादी और बच्चों से जुड़ी सामाजिक धारणाओं से आगे बढ़कर परिवार बनाया, लेकिन बाद में उनका रिश्ता टूट गया।
अनिल कुंबले ने चेतना के साथ उनकी बेटी को भी परिवार में स्वीकार किया और उनकी कहानी लंबे समय तक स्थिर रिश्ते के उदाहरण के तौर पर सामने रही। वेंकटेश प्रसाद की क्रिकेटिंग पहचान 1996 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ उनके यादगार स्पेल और भारतीय तेज गेंदबाजी में योगदान से बनी, लेकिन मैदान से बाहर उनकी शादी की कहानी भी बताती है कि निजी जिंदगी में उन्होंने भी समाज की तय लकीरों से अलग अपना रास्ता चुना। वहीं शमी और हसीन की शादी आगे चलकर विवादों और कानूनी लड़ाई में बदल गई।
दरअसल, इन कहानियों का सबसे बड़ा पहलू यही है कि किसी व्यक्ति की पिछली शादी या तलाक उसके भविष्य के रिश्ते को तय नहीं करता। क्रिकेट के मैदान पर जहां हर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से पहचान बनाता है, वहीं निजी जिंदगी में भी इन खिलाड़ियों ने अपने फैसले खुद लिए। समाज के बनाए नियम हर रिश्ते पर एक जैसे लागू नहीं होते। प्यार, भरोसा, परिवार और जिम्मेदारी, इन चारों की परीक्षा हर कहानी में अलग होती है। शायद इसी वजह से इन क्रिकेटरों की निजी जिंदगी आज भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बनी हुई है।