भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। भारत ने यह सीरीज 3-2 से अपने नाम की, हालांकि आखिरी दो मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। सीरीज जीत के बावजूद अय्यर ने गेंदबाजी और फील्डिंग को ऐसे क्षेत्र बताया, जिनमें टीम को आगे सुधार करने की जरूरत है।
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भारतीय टीम
- फोटो : ANI
कहां रही कमी?
मैच के बाद अय्यर ने कहा कि न्यूजीलैंड के अलग-अलग मैदानों और परिस्थितियों में खेलना टीम के लिए सीखने का शानदार अनुभव रहा। उन्होंने माना कि गेंदबाजी और फील्डिंग में टीम का प्रदर्शन बेहतर हो सकता था और कुछ मौकों पर खिलाड़ी थोड़े सुस्त नजर आए। अय्यर ने कहा, 'हम गेंदबाजी और फील्डिंग में और बेहतर कर सकते थे। हमारा प्रदर्शन थोड़ा ढीला रहा, लेकिन यह हमारे लिए शानदार सीख रही। विदेश में आकर न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों और अलग-अलग मैदानों पर खेलना एक बेहतरीन अनुभव रहा।'
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श्रेयस अय्यर
- फोटो : ANI
पहली बार SENA देश में अय्यर की कप्तानी में जीती सीरीज
यह श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की किसी SENA देश (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में पहली सीरीज जीत है। इससे पहले उनके कप्तानी कार्यकाल की शुरुआत आयरलैंड और इंग्लैंड में लगातार दो सीरीज हार के साथ हुई थी।
अय्यर ने कहा कि शुरुआती तीन मुकाबलों ने टीम को अच्छी लय दी। इसके बाद आखिरी दो मैचों में टीम ने खुद को चुनौती देने और कुछ नए प्रयोग करने की कोशिश की। हालांकि, पांचवें मुकाबले में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा, 'पहले तीन मैचों से हमें अच्छी लय मिली। आखिरी दो मुकाबलों में हम खुद को चुनौती देना और कुछ प्रयोग करना चाहते थे। आज हमारे पास ऐसा करने का सही मौका था, लेकिन हम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। फिर भी यह हमारे लिए सीखने का अच्छा अनुभव रहा।'
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भारत VS न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
फील्डिंग में सुधार की जरूरत, वनडे पर है नजर
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम को अब ज्यादा पीछे देखने के बजाय आगामी वनडे मुकाबलों पर ध्यान देना होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी परिस्थितियों में फील्डिंग करना चुनौतीपूर्ण होता है और खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। अय्यर के मुताबिक, न्यूजीलैंड में अंधेरे और साफ आसमान के बीच रोशनी में खेलने का अनुभव भारत से काफी अलग था। ऐसे में खिलाड़ियों को फील्डिंग के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सैंटनर ने भी मानी गलतियां
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने सीरीज में हार के बावजूद अपनी टीम के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती तीन मुकाबलों में कुछ अहम मौकों पर टीम से चूक हुई, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। सैंटनर ने कहा कि अगर न्यूजीलैंड उन करीबी मुकाबलों में जीत हासिल कर लेता तो सीरीज का नतीजा बिल्कुल अलग हो सकता था। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी में टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने आखिरी दो मैचों में परिस्थितियों के अनुसार शानदार ढंग से खुद को ढाला। सैंटनर के अनुसार, सीरीज का स्कोर भले ही भारत के पक्ष में 3-2 रहा, लेकिन मुकाबला इतना करीबी था कि नतीजा न्यूजीलैंड के पक्ष में भी जा सकता था।