भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज सिर्फ एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत भी है। रोहित शर्मा का भविष्य, जसप्रीत बुमराह की वनडे में वापसी, तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी और शिवम दुबे की भूमिका ऐसे पांच बड़े सवाल हैं, जिनके जवाब इस सीरीज में तलाशे जाएंगे।
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भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज
- फोटो : ANI
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भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है। एक तरफ भारतीय टीम टी20 में मिली करारी हार को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगी, वहीं दूसरी ओर यह सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का पहला बड़ा पड़ाव भी होगी। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले अगले विश्व कप में अभी 15 महीने से ज्यादा का समय है, लेकिन टीम इंडिया की रणनीति और संयोजन का खाका अभी से तैयार होने लगा है। इस सीरीज में चार ऐसे बड़े सवाल हैं, जिन पर चयनकर्ताओं, टीम प्रबंधन और प्रशंसकों की नजर रहेगी।
1. क्या रोहित शर्मा 2027 विश्व कप तक खुद को साबित कर पाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल रोहित शर्मा को लेकर है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक कोई भी 40 वर्षीय खिलाड़ी वनडे विश्वकप नहीं खेला है। रोहित इस रिकॉर्ड को बदलने की कोशिश में हैं।
जब से शुभमन गिल वनडे टीम के कप्तान बने हैं और रोहित सिर्फ वनडे प्रारूप में खेल रहे हैं, तब से हर सीरीज से पहले उनके भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है।
आईपीएल 2026 में रोहित ने मुंबई इंडियंस के लिए नौ मैचों में 283 रन बनाए। हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण उन्हें कुछ मुकाबले भी छोड़ने पड़े।
इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने 16, 48 और 79 रन की पारियां खेलीं। हालांकि, यह ध्यान रखने वाली बात है कि 2023 विश्वकप के बाद से वह वनडे में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
हालांकि इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन को असली परीक्षा माना जा रहा है। कप्तान शुभमन गिल भी कह चुके हैं कि यह सीरीज खिलाड़ियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित होगी।
2. करीब तीन साल बाद वनडे में लौट रहे बुमराह कितना असर छोड़ पाएंगे?
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को इस सीरीज में सबसे बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिलेगी।
बुमराह ने अपना आखिरी वनडे 19 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप फाइनल में खेला था। अब वह 968 दिनों बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करेंगे।
भारत ने विश्व कप 2023 के फाइनल के बाद 26 वनडे खेले, लेकिन इनमें बुमराह एक भी मैच का हिस्सा नहीं रहे। चोट और टी20 क्रिकेट को प्राथमिकता दिए जाने के कारण उन्हें आराम दिया गया था।
अब जबकि टीम का पूरा फोकस 2027 विश्व कप पर है, बुमराह का कार्यभार धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
कप्तान शुभमन गिल ने भी भरोसा जताया कि अनुभवी तेज गेंदबाज बढ़ते कार्यभार को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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हार्दिक पांड्या
- फोटो : PTI
3. हार्दिक की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कौन बनेगा?
भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी है।
हार्दिक पांड्या चोटिल हैं, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा भी फिट नहीं हैं।
टीम प्रबंधन इन दोनों खिलाड़ियों को विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा मौके देना चाहता था, लेकिन चोटों ने योजना पर पानी फेर दिया।
कप्तान शुभमन गिल ने भी माना कि अगर ये खिलाड़ी फिट होते तो टीम संयोजन अलग होता। अब भारत को मजबूरन दूसरे विकल्पों के साथ उतरना पड़ रहा है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम असंतुलित नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव किए गए हैं।
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हार्दिक और शिवम दुबे
- फोटो : IANS
4. क्या शिवम दुबे इस मौके का फायदा उठा पाएंगे?
हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में शिवम दुबे के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है।
दुबे ने वनडे क्रिकेट में अब तक सिर्फ चार मैच खेले हैं। वह बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन गेंदबाजी में उनकी निरंतरता पर सवाल उठते रहे हैं।
इंग्लैंड दौरे के दौरान गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने दुबे के साथ लंबा अभ्यास किया। वहीं रोहित शर्मा ने भी उन्हें अलग से कुछ तकनीकी सुझाव दिए।
टीम प्रबंधन चाहता है कि दुबे एक ऐसे ऑलराउंडर के रूप में खुद को स्थापित करें, जो बल्लेबाजी के साथ कुछ उपयोगी ओवर भी निकाल सके।
अगर वह इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो 2027 विश्व कप की योजनाओं में अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं।
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भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज
- फोटो : ANI
5. रवींद्र जडेजा अब कब करेंगे वापसी?
वनडे विश्वकप से पहले लगातार वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल को मौका दिया जा रहा है। पर रवींद्र जडेजा के रूप में एक अनुभवी ऑलराउंडर की कमी खल रही है।
अक्षर ने हालांकि, बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया है, पर गेंद से जडेजा-सुंदर और अक्षर तीनों का प्रदर्शन सामान्य रहा है।
यह नहीं भूलना चाहिए कि जडेजा जरूरत पड़ने पर बड़ी पारियां खेल सकते हैं और उनके पास जो अनुभव है, वह काम आ सकता है।
इसके अलावा सुंदर की फील्डिंग में भी कमियां दिखी हैं। ऐसे में जडेजा जैसा फील्डर होना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।
पर वह कब वापसी करेंगे और कोच गंभीर उन्हें कब लाएंगे, इस पर अभी तक सस्पेंस है। जडेजा ने इस साल जनवरी में अपना पिछला वनडे खेला था।
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शुभमन गिल-गौतम गंभीर
- फोटो : PTI
इस सीरीज पर क्यों टिकी हैं सभी की नजरें?
इंग्लैंड दौरा सिर्फ तीन वनडे मैचों की सीरीज नहीं है। यह भारतीय टीम के भविष्य की दिशा तय करने वाला दौरा भी है। रोहित शर्मा के करियर की अगली राह, जसप्रीत बुमराह की फिटनेस, ऑलराउंडर की तलाश और युवा खिलाड़ियों की परीक्षा, इन सभी सवालों के जवाब इसी सीरीज से मिलने शुरू होंगे। अगर भारत इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ संतुलित प्रदर्शन करता है, तो यह 2027 विश्व कप की तैयारियों के लिए सकारात्मक संकेत होगा। वहीं खराब प्रदर्शन टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है।