न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान किशन की शतकीय पारी और सुनील गावस्कर की स्पष्ट टिप्पणी ने टी20 वर्ल्ड कप प्लेइंग इलेवन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। संजू सैमसन के लिए यह एक और ठहराव हो सकता है, जबकि ईशान किशन के लिए यह प्रदर्शन टीम में स्थाई जगह की ओर इशारा करता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तिरुवनंतपुरम में खेले गए टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले ने सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं दिए, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप प्लेइंग इलेवन को लेकर चल रही सबसे बड़ी बहस पर भी लगभग विराम लगा दिया। यह बहस थी- संजू सैमसन या ईशान किशन? और इस पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बेहद साफ शब्दों में अपनी राय रख दी।
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ईशान किशन
- फोटो : PTI
ईशान किशन का शतक और चयन की तस्वीर साफ
ईशान किशन का न्यूजीलैंड के खिलाफ लगाया गया पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक (103 रन) सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि यह चयन समिति और टीम मैनेजमेंट के लिए एक टाइम पर आया बयान साबित हुआ। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 271/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया और ओपनिंग स्लॉट को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति काफी हद तक खत्म हो गई।
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संजू सैमसन-ईशान किशन
- फोटो : PTI
संजू सैमसन के आंकड़े बने चिंता की वजह
वहीं दूसरी ओर, संजू सैमसन के लिए यह सीरीज़ निराशाजनक रही। पांच मैचों में सिर्फ 46 रन, कोई बड़ी पारी नहीं और लगातार आत्मविश्वास की कमी साफ नजर आई। हालात तब और स्पष्ट हो गए जब आखिरी मैच में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी ईशान किशन को सौंप दी गई। वर्ल्ड कप वर्ष में ऐसे बदलाव अक्सर प्रयोग नहीं, बल्कि संकेत माने जाते हैं।
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सुनील गावस्कर
- फोटो : ANI
सुनील गावस्कर का साफ संदेश
स्टार स्पोर्ट्स पर कमेंट्री के दौरान सुनील गावस्कर ने चयन को लेकर दो टूक बात कही। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है चयन समिति ने संजू सैमसन को पूरे मौके दिए, लेकिन अब ईशान किशन की इस पारी के बाद और तिलक वर्मा की वापसी की संभावना को देखते हुए बल्लेबाजी क्रम लगभग तय नजर आता है।'
मैच के बाद गावस्कर ने और भी स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। इस दिग्गज ने कहा, 'सैमसन को बाहर करना मुश्किल जरूर है, लेकिन किसके लिए? तिलक वर्मा इस स्तर पर साबित खिलाड़ी हैं। संजू सैमसन भी काबिल हैं, लेकिन इस समय फॉर्म में नहीं हैं। इसका उनकी क्षमता से कोई लेना-देना नहीं है। वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में आप जोखिम नहीं ले सकते। पांच मैच दिए गए, उनका सर्वोच्च स्कोर 24 रहा और वे अजीब तरीकों से आउट हुए। साफ है कि आत्मविश्वास की कमी है। जब तक तिलक वर्मा फिट नहीं होते, तब तक बात अलग है, लेकिन अगर वे उपलब्ध हैं तो सात फरवरी को अमेरिका के खिलाफ मैं संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में खेलते नहीं देख रहा।'
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तिलक वर्मा
- फोटो : BCCI
तिलक वर्मा की वापसी और टीम को संतुलन
तिलक वर्मा की वापसी से भारतीय टीम को मिडिल ऑर्डर में संतुलन और लचीलापन मिलेगा। इससे ईशान किशन को ओपनिंग में पूरी आजादी मिलेगी, बिना टीम संरचना से समझौता किए। यही वह स्थिरता है जिसकी तलाश टीमें वर्ल्ड कप से पहले करती हैं।
ईशान किशन: भरोसे पर खरे उतरे
ईशान किशन ने पूरी सीरीज में 215 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। वे सिर्फ सूर्यकुमार यादव से पीछे रहे। सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने वही भूमिका निभाई जिसकी भारत को वैश्विक टी20 टूर्नामेंट में जरूरत होती है और वह है तेज शुरुआत।