आईपीएल का यह दसवां सीजन चल रहा है और इन वर्षो में आईपीएल ने कई खिलाडि़यों को चमकाया, जो आजतक ना सिर्फ देश में बल्कि विदेश तक अपनी चमक बिखेर रहे है। घरेलू स्तर के खिलाड़ी को भी आईपीएल ने स्टार बना दिया। लेकिन आईपीएल के शुरुआती सत्र में कुछ ऐसे भी खिलाड़ी आए, जिन्होंने अपने खेल का लोहा मनवाया, जिनको भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जाने लगा, लेकिन आज वे ही कहीं गुम हो गए।
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कामरान खान
यूपी के इस गेंदबाज के शेन वार्न भी प्रशंसक है। 2009 में राजस्थान राॅयल्स की ओर से कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ खेलते हुए जब मुकाबला सुपर ओवर में गया तो कप्तान शेन वार्न ने कामरान पर भरोसा दिखाया। उस समय कामरान ने सामने थे विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल, लेकिन तेज गेंदबाज कामरान ने कोलकाता को 15 रन पर ही रोक दिया था। उस समय शेन वार्न ने इन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया था। खास बात यह थी कि आईपीएल में खेलने से पहले कामरान ने पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट का भी कोई अनुभव नहीं था। लेकिन आज कामरान क्रिकेट से दूर अपने गांव में भाई के साथ मिलकर खेती कर रहे है और खाली समय में आईपीएल के मैच देखते है। कामरान को इसके बाद किसी भी फ्रेंचाइची ने अपनी टीम में खेलने का मौका नहीं दिया।
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सौरभ तिवारी
झारखंड के सौरभ तिवारी जब मैदान पर आते थे तो लोग उनमें महेन्द्र सिंह धोनी की छवि देखते है। दर्शको के बीच तिवारी की पहचान गेंद को बांउड्री पार पहंुचाने वालों में हो गई थी। आईपीएल के तीसरे सत्र में 19 मैच में 419 रन बनाने के कारण तिवारी को अगले सत्र में राॅयल चैलेंजर बेंगलुरू ने मोटी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वहां वे अपने चयन को सही साबित नहीं कर पाए। इस सीजन में इन्हें आईपीएल से दूर रहना पड़ा।
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पाॅल वाॅथाटी
2002 में अंडर 19 भारतीय विश्वकप टीम का हिस्सा रहे गोवा के बल्लेबाज पाॅल वाॅथाॅटी ने आईपीएल में अपनी शानदार बल्लेबाजी से चमक बखेरी। पाॅल ने 2011 में किंग्स इलवेन की ओर खेलते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 63 गेंद पर 120 बनाए। पाॅल ने 14 मैच में 463 रन बनाए थे। हालांकि इसके बाद इनका आईपीएल करियर ज्यादा नहीं सका और 2013 के बाद से इन्होंने लगातार कोई भी मैच नहीं खेला।
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अशोक मेनारिया
भारतीय अंडर 19 के पूर्व कप्तान अशोक मेनारिया के आॅलराउंड प्रदर्शन की कारण उनकी तुलना युवराज सिंह से की जाती थी। मध्यक्रम के बल्लेबाज मेनारिया लेफ्ट आर्म स्पिनर भी थे। मेनारिया को आईपीएल के सिर्फ दो सत्र में ही खेलने का मौका मिला और पिछली कुछ नीलामी में उन्हें कोई भी खरीददार नहीं मिला।
जब बात टी 20 विश्वकप की आती है ता सभी भारतीयों को जोगिन्दर शर्मा की गेंद सभी क्रिकेट प्रेमियो को याद आ जाती है, जिस गेंद पर उन्होंने मिस्बाह का विकेट लेकर 2007 में भारत को पहला टी 20 विश्वकप का खिताब दिलाया था। उस मैच से अपनी पहचान बना चुके जोगिन्दर शर्मा ने आईपीएल के पहले सत्र में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। इसके बाद उनका नाम गुम सा हो गया। फिलहाल वह हरियाणा पुलिस में कार्यरत है।