युजवेंद्र चहल
हो आर-पार की लड़ाई
चहल ने कहा, 'इसे एक बार में ही खत्म कर देना चाहिए। हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। हर तीन महीने में सुनने को मिलता है कि हमारे जवानों ने आतंकी हमले में जान गंवा दी। हम चीजों के होने का इंतजार नहीं कर सकते। हमें चीजें करनी होंगी और हमें आमने-सामने इसका जवाब देना होगा, फिर चाहे इसका मतलब आर-पार की लड़ाई (जंग के मैदान में) क्यों ना हो।'