स्टोक्स का कहना है कि उनकी टीम चीजों को मैच दर मैच और सीरीज दर सीरीज लेने में विश्वास करती है, जो कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लंबे प्रक्रिया से मेल नहीं खाता। डब्ल्यूटीसी का एक चक्र तीन साल तक चलता है।
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने गुरुवार को कहा कि इंग्लैंड की टीम खेलते समय आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) या इसके फाइनल के बारे में विशेष तौर पर नहीं सोचती है। उन्होंने इस टूर्नामेंट को भ्रामक बताया है। स्टोक्स पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के खिलाफ कोई बयान दिया है। इंग्लिश कप्तान की यह टिप्पणी थोर्प-क्रो ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले आई है। डब्ल्यूटीसी 2023-25 की दौड़ में इंग्लैंड छठे स्थान पर है, जबकि कीवी टीम चौथे स्थान पर है। इंग्लैंड पिछले डब्ल्यूटीसी चक्र में चौथे स्थान पर रहा था और इस बार भी वह लॉर्ड्स में अगले साल होने वाले फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
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बेन स्टोक्स
- फोटो : ECB
स्टोक्स का कहना है कि उनकी टीम चीजों को मैच दर मैच और सीरीज दर सीरीज लेने में विश्वास करती है, जो कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लंबे प्रक्रिया से मेल नहीं खाता। डब्ल्यूटीसी का एक चक्र तीन साल तक चलता है। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप थोड़ी भ्रामक है और उलझन में डालने वाली है। यह उनमें से एक है जिसे मैं गंभीरता से नहीं देखता हूं। यह उन चीजों में से एक है, जहां लंबे समय से अगर आप वास्तव में अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और आपको मनचाहे नतीजे मिल रहे हैं, तो आप खुद को फाइनल में पाएंगे।'
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बेन स्टोक्स
- फोटो : @TheRealPCB
उन्होंने कहा, 'मेरे और इस टीम के लिए यह मैच दर मैच और सीरीज दर सीरीज आगे बढ़ने से जुड़ा है और अगर आप खुद को उस स्थिति में पाते हो जहां आप विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में होते हैं तो यह शानदार है, लेकिन यह जानना अजीब है कि आप लंबे समय से किसी चीज के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे याद नहीं कि मैंने कभी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में सोचने का कोई वास्तविक समय दिया है या नहीं क्योंकि यह पूरी तरह से भ्रमित करने वाला है। हम किसी और की तुलना में बहुत अधिक क्रिकेट खेलते हैं। हम बस इसी पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करते हैं। अगर हम अच्छा खेलते हैं, तो हम फाइनल या उसके आसपास होंगे। लेकिन अगर हम नहीं करते हैं, तो हम नहीं होंगे।'
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इंग्लैंड की टीम
- फोटो : Twitter
स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने 29 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 17 जीते, 11 हारे और सिर्फ एक ड्रॉ रहा। स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम के आने के बाद इंग्लैंड के क्रिकेट खेलने की शैली बदली है। बैजबॉल के नाम से मशहूर इस शैली के जरिये इंग्लैंड ने टेस्ट में आक्रामक बल्लेबाजी कर कई रिकॉर्ड बनाए हैं। यही वजह है कि इंग्लैंड के सभी टेस्ट कप्तानों में दूसरा सबसे अधिक जीत प्रतिशत बेन स्टोक्स का है। हालांकि, इस डब्ल्यूटीसी चक्र में एशिया के कुछ दौरों पर उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा और उनकी टीम का जीत प्रतिशत बिगड़ गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग का फैसला किया था।