साहा का टेस्ट क्रिकेट में एक छोटा पर शानदार करियर रहा है। उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट खेले हैं और तीन शतकों की मदद से 29.41 की औसत से 1,353 रन बनाए हैं।
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जारी मौजूदा रणजी ट्रॉफी सत्र उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। 40 वर्षीय साहा को टेस्ट में भारत के बेहतरीन विकेटकीपर्स में से एक माना जाता है। उनका करियर काफी बड़ा नहीं रहा, लेकिन अपने कौशल से उन्होंने सभी का दिल जीता। साहा ने रविवार को इसका एलान अपने सोशल मीडिया हैंडल से किया। साहा ने 'क्रिकेट में शानदार यात्रा' और बंगाल के लिए इस अंतिम सत्र को यादगार बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
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ऋद्धिमान साहा
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साहा का टेस्ट क्रिकेट में एक छोटा पर शानदार करियर रहा है। उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट खेले हैं और तीन शतकों की मदद से 29.41 की औसत से 1,353 रन बनाए हैं। एक विकेटकीपर के रूप में अपने असाधारण कौशल के लिए जाने जाने वाले साहा खेल के सबसे लंबे प्रारूप से एमएस धोनी के रिटायरमेंट के बाद भारत के पहली पसंद के कीपर-बल्लेबाज बन गए। वह टेस्ट में एक भारतीय विकेटकीपर द्वारा बनाए गए शतकों के मामले में धोनी और ऋषभ पंत के बाद तीसरे नंबर पर हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी आखिरी उपस्थिति 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। कुछ औसत प्रदर्शन के बावजूद साहा को दरकिनार कर दिया गया। मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के तहत नए प्रबंधन ने केएस भरत को पंत के बैकअप के रूप में लाने का फैसला किया।
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ऋद्धिमान साहा
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अपनी यात्रा को याद करते हुए साहा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया, 'क्रिकेट में एक यादगार यात्रा के बाद, यह रणजी सत्र मेरा आखिरी होगा। मैं एक आखिरी बार बंगाल का प्रतिनिधित्व करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। संन्यास से पहले केवल रणजी ट्रॉफी में खेल रहा हूं। इस अविश्वसनीय यात्रा का हिस्सा बनने वाले सभी लोगों को धन्यवाद। आपके समर्थन मेरे लिए काफी मायने रखता है।'
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ऋद्धिमान साहा
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साहा का रणजी ट्रॉफी में बंगाल की तरफ से खेलना तय है, लेकिन वह अगले साल आईपीएल में नजर नहीं आएंगे। गुजरात टाइटंस ने उन्हें रिटेन नहीं करने का फैसला लिया है। साहा ने भी मेगा नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जो फ्रेंचाइजी क्रिकेट से उनके संन्यास का स्पष्ट संकेत है। साहा आईपीएल 2008 से हर सीजन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इस लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और हाल ही में, गुजरात टाइटन्स का प्रतिनिधित्व किया है। आईपीएल में उन्होंने 170 मैच में 127.57 के स्ट्राइक रेट से 2934 रन बनाए। इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए नौ वनडे भी खेले हैं, जिसमें 13.67 की औसत के साथ 41 रन बनाए।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 साल बिताने के बाद, साहा ने पिछले सीजन में तब सुर्खियां बटोरीं जब उनका तबादला त्रिपुरा हो गया। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ विवाद के कारण साहा को अस्थायी रूप से बंगाल छोड़ना पड़ा, जबकि सीएबी के पूर्व प्रमुख अभिषेक डालमिया ने उनसे कहीं और से खेलने की अपील की थी। हालांकि, भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ बातचीत के बाद साहा ने अपने युवा साथियों के लिए एक संरक्षक की भूमिका निभाते हुए एक अंतिम सत्र के लिए बंगाल लौटने का फैसला किया।