फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Women's T20 World Cup: कौन हैं पूनम यादव, जिनकी फिरकी में फंसा मजबूत ऑस्ट्रेलिया

Fri, 21 Feb 2020 05:01 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
पूनम यादव - फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर पूनम यादव (4 विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी और दीप्ति शर्मा (49*) की शानदार पारी की बदौलत भारतीय टीम ने महिला टी-20 विश्व कप में विजयी शुरुआत की है। भारत ने पहले मुकाबले में मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हरा दिया। 


विज्ञापन

2 of 7
भारतीय महिला टीम बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला टीम - फोटो : पीटीआई
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 133 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में कंगारू टीम 115 रन पर ऑलआउट हो गई और मैच हार गई। भारत की तरफ से पूनम यादव ने चार ओवर में 19 रन देकर चार, जबकि शिखा पांडे ने तीन विकेट चटकाए। 
 
विज्ञापन

3 of 7
पूनम यादव - फोटो : सोशल मीडिया
इस मैच में भारतीय लेग स्पिनर पूनम की जितनी तारीफ की जाय उतनी कम है। विश्व कप की पहली जीत में पूनम ने अहम भूमिका निभाई। वह हैट्रिक लेने से चूक गईं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि यह तीसरी बार है जब वह हट्रिक से चूकीं हैं। पूनम ने 5 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में डेब्यू किया था।  

4 of 7
पूनम यादव - फोटो : सोशल मीडिया
डेब्यू मैच में ही पूनम ने शानदार प्रदर्शन किया था। उस मैच पूनम ने चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट झटके थे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूनम का बेस्ट गेंदबाजी रिकॉर्ड बांग्लादेश के खिलाफ ही है। पूनम ने बांग्लादेश के खिलाफ नौ रन देकर चार विकेट चटकाए थे। 
विज्ञापन

5 of 7
क्रिकेटर पूनम यादव - फोटो : Twitter/@poonam_yadav24
कौन हैं पूनम यादव
पूनम यादव का जन्म 24 अगस्त 1991 को आगरा में हुआ था। उनके पिता रघुवीर सिंह सेना से सेवानिवृत्त और उनकी मां मुन्नी देवी हाउसवाइफ हैं। पूनम ने अपनी माता-पिता की प्रेरणा से क्रिकेट जगत में नाम रौशन किया है। खेल दिवस पर उन्हें राष्ट्रपति ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया था। पूनम अर्जुन अवार्ड पाने वाली देश की 54वीं क्रिकेटर हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
क्रिकेटर पूनम यादव - फोटो : अमर उजाला
पूनम यादव को खेल के शुरुआती सफर में एक बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ा था। वाक्या सन 2009 का है जब लड़कों के साथ प्रैक्टिस करने की शिकायत पर वह दो-तीन दिन तक मैदान में नहीं जा सकी थीं। हालांकि, उनकी मां समझ चुकी थीं कि पूनम में क्रिकेट का जुनून है। उसे कई दिनों तक रोका नहीं जा सकता। इसके बाद पूनम के भाई को उन्हें मैदान में लेकर जाने की जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
क्रिकेटर पूनम यादव - फोटो : अमर उजाला
बहन जहां हर रोज मैदान में घंटों अभ्यास करती थी, उस समय तक उनका भाई मैदान में ही रहता था। पूनम की मां मुन्नी देवी बताती हैं कि दो-तीन दिन जब पूनम प्रैक्टिस के लिए नहीं जा सकी, तो घर में ही गेंदबाजी का एक्शन करती रहती थीं। उनके पिता रघुवीर सिंह ने भी साफ कर दिया था कि कोई कुछ भी कहे, बेटी को खेलने दो, आगे बढ़ने दो। मुन्नी देवी बताती हैं कि पूनम ने उनसे कहा था कि मां जुनून से ही जग जीता जा सकता है। इसलिए मुझे खेलने दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें