श्रीलंका के खिलाफ भारत की 5-0 से ऐतिहासिक जीत के बाद विराट कोहली ने बीसीसीआई से बात करते हुए खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले वनडे में हमने कभी भी लगातार तीन मैच नहीं जीते थे। वेस्टइंडीज में खेले गए आखिरी मैच से इस सीरीज के आखिरी मैच तक हमने लगातार 6 मैच जीते हैं। ये एक चीज थी जो हम सीरीज में हासिल करना चाहते थे और अंत में हमने हासिल की। हम सीरीज में लापरवाह नहीं होना चाहते थे। हम जीत की अच्छी आदत डालना चाहते थे इसके लिए हर बार मैदान में जाने से पहले हम खुद को चुनौती देते थे। ऐसे में यदि विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़े तो आपको इससे बहुत मदद मिलती है।
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टीम इंडिया के सेनापति विराट ने रचा 2019 विश्वकप के लिए चक्रव्यूह
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रवि शास्त्री और विराट कोहली
- फोटो : twitter
विराट ने काह, एक चीज जिसका समाधान हमने इस सीरीज के पहले किया, मुझे लगता है कि उससे हमें बहुत मदद मिली। हमने प्लान किया था कि हमें किस तरह सीरीज में खेलना है और किसी भी स्थिति में लापरवाह रुख नहीं अपनाना है। अच्छी आदतें डालना मुश्किल होता है लेकिन जब एक बार ऐसी आदत पड़ जाती है और आप मैच को आसानी से लेते हैं तो उन परेशानियों का मैच के दौरान ही समाधान मिल जाता है। हमने निर्धारित किया कि सभी मैचों को गंभीरता से लेंगे और पूरी सीरीज के दौरान ऐसा करेंगे इसकी परवाह किए बगैर कि और क्या हो रहा है।
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विराट कोहली
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कैप्टन कोहली ने कहा, जैसा कि हमने सीरीज से पहले सीरीज के दौरान प्रयोग करने की बात कही थी कि हम टीम में इस तरह के बदलाव करेंगे कि एक टीम के रूप में हमारे बारे में अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो जाए। हमने इसके लिए कुछ खिलाड़ियों को ऊपर बल्लेबाजी करने भेजा तो कुछ को नीचे। अब यदि कोई टीम भारत के खिलाफ खेलने उतरते हैं तो आपको ये मालूम होता है कि हमारी टीम के खेलने का क्या पैटर्न है और हम ऐसा करने वाले हैं। ऐसा करने से लोग तैयार हो जाएंगे, एक बार जब हम इस तरह खेलना शुरू करेंगे और खिलाड़ियों का उनकी भूमिका या कहे उनके उन्हें दिए गए रोल को लेकर आत्मविश्वास बढ़ेगा ऐसे में हमारे टीम कॉम्बिनेशन को लेकर अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो जाएगा। जिस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ी हमारी टीम में हैं और हम अनप्रिडिक्टेबल हो गए तो यह कॉम्बिनेशन विध्वंशक या कहें खतरनाक हो जाएगा।
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एम एस धोनी और विराट कोहली
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ऐसे में विरोधी टीमों के लिए हमारे खिलाफ रणनीति बना पाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में हम उनके खिलाफ शुरुआती बढ़त हासिल करने या बनाने में सफल हो जाएंगे। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है कि इस बदलाव सफलतापूर्वक लागू करना और टीम के सदस्यों ने ये कर दिखाया। वनडे क्रिकेट में ऐसा होता है कि किसी मैच में कुछ खिलाड़ी प्रदर्शन करते हैं और कुछ नहीं। ये हमारे लिए परेशानी की बात नहीं है। 2019 में होने वाले विश्वकप से पहले हम आगे भी ऐसे प्रयोग करना जारी रहेंगे।
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जसप्रीत बुमराह
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सीरीज में 15 विकेट हासिल करके मैन ऑफ द सीरीज चुने गए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बारे में विराट ने कहा, बुमराह पिछले 18 महीने में छोटे फॉर्मेट में हमारी टीम का सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे है। उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बहुत मेंहनत की है। खासकर लेंथ बॉल पर, इस गेंद में ज्यादा तेजी होती है। वो बल्लेबाज को अपनी गेंदों में कभी सेटल नहीं होने देते। उनकी गेंदबाजी के पिटारे में अब केवल यॉर्कर और स्लोअर गेंदें नहीं हैं। अब वो बेहतरीन गुड लेन्थ गेंद भी डालते हैं मुझे लगता है कि ये उनकी बॉलिंग में आया सबसे बड़ा बदलाव है। उन्हें अपने खेल को ऐसे रूप में ढालने पर बधाई। भारतीय उपमहाद्वीप में एक तेज गेंदबाज का मैन ऑफ द सीरीज चुना जाना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सीरीज के दौरान सही जगह गेंदबाजी की और वो मैन ऑफ द सीरीज बनान डिजर्व करते हैं। आशा करता हूं कि वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज में भी ऐसा प्रदर्शन करेंगे।
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विराट, भुवनेश्वर और शमी
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भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी वनडे में पांच विकेट हासिल किए। जसप्रीत मैन ऑफ द सीरीज चुने गए। अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल ने भी सीरीज में शानदार गेंदबाजी की। विराट ने इस बारे में कहा, ये सभी खिलाड़ी शानदार थे। एक पारंपरिक स्पिनर होने के साथ-साथ अक्षर अपनी गेंदों की गति में बदलाव करते हैं मुझे लगता है ये बेहतरीन है। वो बल्लेबाजों को खुद पर हावी नहीं होने देते हैं। ये एक अच्छी चीज है कि आपके पास गेंदबाजी में बहुत से वेरिएशन नहीं है बावजूद इसके आप उन्हें रन बनाने नहीं देते। मुझे लगता है कि उनकी हाइट की वजह से गेंदों में ज्यादा उछाल और पेस जनरेट कर पाते हैं। उनके कंधे मजबूत हैं ऐसे में उनकी गेंदों को स्वीप कर पाना भी आसान नहीं होता। कुलदीप और चहल के बारे में विराट ने कहा, ये दोनों कलाई से गेंदबाजी करते हैं। ऐसे गेंदबाज मैच में हर वक्त होते हैं और आपको विकेट दिला सकते हैं। इन तीनों गेंदबाजों की जोड़ी पूरे समय विरोधी बल्लेबाजों पर आक्रमण करती रही। इन्होंने मध्यक्रम में सफलता दिलाकर श्रीलंका की रन गति पर लगाम लगाने में मदद की।
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पल्लेकल वनडे जीतने के बाद धोनी और भुवी
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2019 को लेकर वो किस तरह की तैयारी कर रहे हैं तो विराट ने कहा, यदि अगली कुछ सीरीज में हम अपना सही बल्लेबाजी क्रम हासिल कर लेते हैं जो हमारी सारी जरूरतों के माकूल हो और हमें ऐसी टीम मिल जाए जिसमें हम विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग बल्लेबाज को आजमा सकें। साथ ही गेंदबाज भी बल्लेबाजी कर टीम के लिए योगदान कर सकें। इसके साथ ही हम फील्डिंग में सबसे बेहतरीन हों। हमें टीम में इस तरह का संतुलन बनाना है। हमारे सामने अब कुछ बड़ी सीरीज हैं यदि हम इसमें जीत हासिल करने के साथ-साथ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उनकी मनोदशा पूरी तरह बदल जाएगी।
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भारतीय क्रिकेट टीम
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विराट ने कहा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज टीम का संतुलन हासिल करने के लिहाल से बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए टीम का नियमित सदस्य होने का विश्वास हासिल करने लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी। यह निश्चित है कि हम विश्वकप से पहले और विश्वकप में प्रिडिक्टेबल टीम नहीं बने रहना चाहते हैं। हम 11 खिलाड़ियों की ऐसी टीम चाहते हैं जो बल्लेबाजी करने के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर सकें और किसी भी स्थिति में टीम के लिए कुछ ओवर निकालने के लिए तैयार रहें।
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विराट कोहली
करियर का 30वां वनडे शतक जड़कर सर्वाधिक शतकों के मामले में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पॉन्टिंग की बराबरी करने के बारे में विराट ने कहा, जैसे -जैसे करियर में आप आगे बढ़ते हैं तो ऐसे मुकाम आते रहते हैं। आप ऐसी चीजों को लक्ष्य नहीं बनाते हैं लेकिन ऐसे आंकड़ों को नकार पाना या नजरअंदाज कर पाना भी मुश्किल होता है क्योंकि जब आप कोई उपलब्धि हासिल करते हैं तो वो हर जगह छा जाती है। मैंने पॉन्टिंग की बराबरी की ये मेरे लिए सम्मान की बात है। आप कभी इस तरह के लक्ष्य नहीं निर्धारित करते हैं। वो एक महान खिलाड़ी हैं उन्होंने अपने करियर में जो किया उनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। मैं हालांकि इस तरह के आंकड़ों के बारे में नहीं सोचता हूं मैं अगर 90 रन पर भी बल्लेबाजी कर रहा हूं और मेरी टीम जीत जाती है तो मुझे ज्यादा खुशी मिलती है।