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रोहित से पहले इन पांच खिलाड़ियों ने भी ओपनिंग में मचाया तहलका, मिडिल ऑर्डर में करते थे बल्लेबाजी

Thu, 03 Oct 2019 07:55 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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रोहित शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
रोहित शर्मा का विस्फोटक अंदाज बतौर ओपनर वन-डे क्रिकेट में दुनिया ने देखा है। उनके बल्ले ने सफेद गेंद को खूब पीटा है। टेस्ट में रोहित खुद को लंबे समय से साबित नहीं कर पाए थे। टेस्ट क्रिकेट में रोहित ने अब तक सिर्फ मिडिल ऑर्डर में ही बल्लेबाजी की थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ही उन्होंने साबित कर दिया कि वह दुनिया के बेहतरीन ओपनर हैं, उन्होंने साफ कर दिया कि चाहे फॉर्मेट कोई भी हो हिट मैन का बल्ला अब बस रन ही उगलेगा। रोहित करियर में पहली बार टेस्ट में ओपनिंग की कमान संभाल दिग्गजों की राह पर चल निकले हैं। रोहित शर्मा से पहले भी कई बल्लेबाज हुए जिनका टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन मध्यक्रम में खास नहीं रहा, लेकिन जैसे ही वो सलामी बल्लेबाज बने तो उन्होंने रन और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। आइए बताते हैं उन बल्लेबाजों के बारे में..

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वीरेंद्र सहवाग
टीम इंडिया के विस्फोटक ओपनर रहे वीरेंद्र सहवाग शुरुआत में मिडिल ऑर्डर में खेलते थे। सहवाग को टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने भारत के टॉप ऑर्डर की समस्या को दूर करने के लिए वीरेंद्र सहवाग को मध्यक्रम से ओपनिंग करने के लिए राजी किया था। उसके बाद सहवाग टॉप ऑर्डर पर ऐसे चिपके की रनों का अंबार लगा दिया। मिडिल ऑर्डर पर सहवाग ने 10 मैचों में 37.9 की औसत से 379 रन बनाए। वहीं टॉप ऑर्डर पर 50.04 की औसत से 170 मैचों में 8207 रन बनाए। 
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साइमन कैटिच
साइमन कैटिच ने 2001 में टेस्ट डेब्यू किया था। वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज थे, लेकिन खराब प्रदर्शन के चलते 2005 में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने 2007 में राष्ट्रीय अनुबंध भी गंवा दिया। इसके बाद कैटिच ने घरेलू टूर्नामेंट न्यू साउथ वेल्स की ओर से 1506 रन बनाते हुए माइकल बेवान का किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इसकी बदौलत वेस्टइंडीज दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी वापसी  हुई। जहां उन्हें ओपनिंग करने के लिए कहा गया और इसके बाद तो उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में 50 से अधिक की औसत से 2928 रन बनाए। जबकी मिडिल ऑर्डर पर उनका औसत 36 का ही था।

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रवि शास्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
वर्तमान में टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने टेस्ट में नंबर 10 पर बल्लेबाजी करते हुए डेब्यू किया था, लेकिन इसके बाद वह टीम में ऊपर आते गए। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे मैच की पहली पारी में वह सातवें नंबर पर आए। बल्लेबाजी में उनका दम तब दिखा। जब उन्होंने मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हुए 134 गेंदों पर 33 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई। दो टेस्ट बाद ही उन्होंने शतक जड़ा और फिर 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में पारी का आगाज किया। रवि शास्त्री का औसत 33.28  का था, तो बतौर ओपनर 44.04 का रहा।
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सनथ जयसूर्या - फोटो : सोशल मीडिया
दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने पहली बार 1993 में भारत के खिलाफ श्रीलंकाई पारी का आगाज किया था और जल्द ही वन-डे में वह श्रीलंका के स्टार सलामी बल्लेबाज बन गए। कप्तान अर्जुन रणतुंगा के कहने पर वह टेस्ट क्रिकेट में भी रोशन माहानामा के साथ ओपनिंग करने उतरे, लेकिन वह एक मैच में सिर्फ नौ और एक रन ही बना पाए। श्रीलंका के टीम से करीब साल भर बाहर रहने के बाद उन्होंने 1996 में वापसी कर और दमदार प्रदर्शन किया जयसूर्या ने 1997 में भारत के खिलाफ 340 रन की पारी खेली थी। जयसूर्या ने बतौर ओपनर 41.48 की औसत से अपना टेस्ट करियर खत्म किया।
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तिलकरत्ने दिलशान - फोटो : Getty
तिलकरत्ने दिलशान ने अपने 52वें टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रीलंकाई पारी का आगाज किया और पहली पारी में 72 गेंदों पर 92 रन बनाए। जबकि दूसरी पारी में शतक जड़ा। टॉप ऑर्डर पर उन्होंने उस साल छह शतक जड़े थे और 64.52 की औसत से 1327 रन बनाए थे। दिलशान ने 29 टेस्ट मैच में ओपनिंग की, जिसमें 2170 रन बनाए। मिडिल ऑर्डर पर उनके करियर का औसत 36 का रहा तो वहीं बतौर ओपनर औसत 42.54 का रहा।
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