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बर्थ-डे स्पेशल: यू ही नहीं 'नजफगढ़ के नवाब' कहलाते सहवाग, इतने संघर्ष के बाद हासिल किया मुकाम

Sat, 20 Oct 2018 12:42 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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sehwag akhtar
टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। 'नजफगढ़ का नवाब' और 'मुल्तान का सुल्तान' जैसे नामों से मशहूर सहवाग ने काफी संघर्षों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग छाप छोड़ी है। वैसे, संन्यास के बाद अपनी रोचक कमेंट्री और ट्वीट्स के कारण भी सहवाग फैंस के बीच काफी लोकप्रिय बने हुए हैं। उन्हें अब सोशल मीडिया किंग भी कहा जाता है। चलिए आपको बताते हैं कि सहवाग किस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे।
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विरेंद्र सहवाग - फोटो : self
वीरू ने अपने करियर की शुरुआत क्रिकेट से नहीं, बल्कि एक फार्मेसी व्यापार के माध्यम से की थी। 1990 में खेलते हुए एक दांत टूट जाने के कारण सहवाग के पिता ने उन्हें क्रिकेट खेलने से रोक दिया था। सहवाग अपनी मां के लाडले हैं और उन्हें कहते हुए क्रिकेट खेलने के लिए विस्फोटक बल्लेबाज ने पिता को भी मना लिया। पिता की अनुमति मिलने के बाद सहवाग का क्रिकेट करियर दोबारा पटरी पर आया।
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sehwag multan
क्रिकेट खेलने के शुरुआती दिनों में सहवाग अपने चेतक स्कूटर को ड्राइव करके प्रैक्टिस के लिए जाते थे। सहवाग का सबसे प्रिय भोजन खीर है। उन्हें अपनी मां की बनाई खीर सबसे ज्यादा पसंद है। जरूरत से ज्यादा अपील करने के कारण सहवाग को करियर के पहले वन-डे मैच में ही बैन कर दिया था।  वीरू भारत के पहले टी-20 कप्तान भी थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम इंडिया की कप्तानी की थी। 

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virender sehwag
वीरू 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं। जब सहवाग से पूछा गया कि आप और सचिन तेंदुलकर किस मामले में अलग हैं। तो उनका जवाब था बैंक बैलेंस के मामले में। सहवाग अकेले ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिसने टेस्ट मैचों में दो बार तिहरा शतक जड़ा। सबसे तेज तिहरा शतक बनाने का रिकार्ड भी सहवाग के ही नाम दर्ज है। सहवाग ने 278 गेंदो तिहरा शतक जड़ा था। 
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sehwag
सहवाग ने 2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के शुरुआती 5 मैचों की शुरुआत चौके से की, और वह भी पहली ही गेंदों पर। उन्होंने अपने वन डे करियर में कुल 15 शतक लगाए थे जिनमें से 14 बार भारतीय टीम को जीत हासिल हुई। इन 15 शतकों के साथ वह 10 बार मैन ऑफ द मैच भी चुने गए।
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