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Virat Kohli: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार नहीं लगा किसी भारतीय के करियर पर विराम, 14 साल पहले भी थे ऐसे हालात

Tue, 13 May 2025 03:15 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई भारतीय दिग्गज हैं, जिन्होंने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को या इस प्रारूप को अलविदा कह दिया। इसमें राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण से लेकर विराट कोहली तक कई बड़े नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं...
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लक्ष्मण, धोनी, रोहित, कोहली और द्रविड़ - फोटो : ANI
भारत के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे ने तीन दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों के करियर पर विराम लगा दिया। दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दौरे के बीच में ही अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया। वहीं, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इस महीने एक हफ्ते के अंदर टेस्ट को अलविदा कह दिया। ये दोनों टी20 अंतरराष्ट्रीय से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। अब रोहित और विराट सिर्फ वनडे में खेलते दिखाई पड़ेंगे। इसी के साथ ये तीनों उन क्रिकेटर्स की लिस्ट में शामिल हो गए, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद इस प्रारूप से या फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। इस लिस्ट में कई महान खिलाड़ी शामिल रहे हैं। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण और दिलीप वेंगसरकर जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स इस सूची में शामिल हैं। आइए जानते हैं...
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श्रीकांत और वेंगसरकर - फोटो : BCCI
1991/92 भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज: के श्रीकांत का संन्यास
भारत के पूर्व ओपनर श्रीकांत ने फरवरी 1992 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर खेली गई टेस्ट सीरीज के बाद संन्यास लिया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर ही अपना आखिरी टेस्ट खेला था। हालांकि, वह वनडे खेलते रहे थे, लेकिन वनडे से भी उन्होंने मार्च 1992 में संन्यास ले लिया था। पर्थ के वाका में श्रीकांत ने आखिरी टेस्ट खेला था। इस मैच में वह 34 और 38 का स्कोर बना पाए थे। पांच मैचों की यह टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से अपने नाम की थी।
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श्रीकांत और वेंगसरकर - फोटो : BCCI
1991/92 भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज: दिलीप वेंगसरकर का संन्यास
सिर्फ श्रीकांत नहीं, 1992 की यह सीरीज महान दिलीप वेंगसरकर की भी आखिरी टेस्ट सीरीज साबित हुई थी। पर्थ में खेला गया पांचवां टेस्ट उनका आखिरी टेस्ट रहा। वनडे से वह पहले ही संन्यास ले चुके थे। इस तरह 1991/92 भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज भारत के दो महान बल्लेबाजों के लिए आखिरी टेस्ट सीरीज साबित हुई।

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राहुल द्रविड़ - फोटो : Screen Grab
2011/12 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: राहुल द्रविड़ ने लिया था संन्यास
भारत ने 2011/12 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। इस सीरीज के चौथे टेस्ट के बाद भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने भी टेस्ट से संन्यास ले लिया था। एडिलेड ओवल में खेला गया चौथा टेस्ट द्रविड़ का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ। वनडे और टी20 से वह पहले ही संन्यास ले चुके थे। द्रविड़ ने अपने आखिरी मुकाबले में एक और 25 रन की पारी खेली। 
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वीवीएस लक्ष्मण - फोटो : BCCI
2011/12 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: वीवीएस लक्ष्मण ने लिया था संन्यास
द्रविड़ के अलावा एक और महान बल्लेबाज ने 2012 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को छोड़ दिया था। यह बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि वेरी वेरी स्पेशल वीवीएस लक्ष्मण हैं। एडिलेड टेस्ट उनके लिए भी आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच रहा। लक्ष्मण ने अपने आखिरी मुकाबले में 18 और 35 रन की पारी खेली। भारत चार मैचों की यह सीरीज 4-0 से हार गया था।
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धोनी - फोटो : ANI
2014/15 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: एमएस धोनी ने लिया था संन्यास
भारत ने 2014/15 में चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। जब इस सीरीज के लिए टीम का एलान हुआ तो धोनी कप्तान थे। किसी को कोई अंदाजा नहीं था कि इस सीरीज में कुछ ऐसा होने वाला है जो विश्व क्रिकेट को चौंका कर रख देगा। भारत एडिलेड और गाबा में खेले गए शुरुआती दो टेस्ट में बुरी तरह हार गया था। इसके बाद तीसरे टेस्ट में तब उपकप्तान रहे विराट कोहली को कमान सौंपी गई और धोनी ने चोट का हवाला देते हुए आराम का फैसला किया। मेलबर्न में खेला गया तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा और इस टेस्ट के खत्म होते ही धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया। इस फैसले ने दुनिया को चौंका दिया था। किसी को इसका अंदाजा नहीं था। हालांकि, धोनी इसके बाद 2019 तक सीमित ओवर क्रिकेट खेलते रहे थे।
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मुरली विजय - फोटो : instagram
2018/19 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: मुरली विजय ने लिया था संन्यास
भारत ने 2018/19 में चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, जबकि पर्थ में खेले गए दूसरे टेस्ट को ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम किया था। इन दोनों टेस्ट में मुरली विजय ने ओपनिंग की, लेकिन उनका प्रदर्शन खराब रहा था। इसके बाद उन्हें तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए ड्रॉप किया गया। तीसरा टेस्ट भारत ने जीता और चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। भारत ने 2-1 से सीरीज जीती और विजय के लिए यह आखिरी सीरीज साबित हुई। इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने तब ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

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रविचंद्रन अश्विन - फोटो : ANI
2024/25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: रविचंद्रन अश्विन ने लिया संन्यास
एक ऐसे समय में जब अश्विन अपने करियर के चरम पर थे, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। यह एक ऐसा फैसला है, जिसके पीछे की वजह शायद खुद अश्विन ही बता पाएं। टेस्ट में 537 विकेट, 37 फाइफर्स, 11 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड्स, छह टेस्ट शतक, 14 अर्धशतक...ऐसा कौन सा रिकॉर्ड है जिससे अश्विन पीछे रहे, लेकिन उन्होंने इससे दूर जाने का फैसला लिया। वह शुरू में एक बल्लेबाज थे, जो कि आगे चलकर एक महान स्पिनर बना। वह आमतौर पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे, लेकिन उनकी कैरम बॉल ने दुनिया में तहलका मचा दिया था। हालांकि, उनके 'रिटायरमेंट का समय' एक ऐसी अनसुलझी गेंद है, जिसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। 

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रोहित शर्मा - फोटो : PTI
2024/25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: रोहित शर्मा ने लिया संन्यास
भारतीय फैंस को बुधवार सात मई को तब बड़ा झटका लगा, जब रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने का फैसला लिया। वह फिलहाल टेस्ट में टीम इंडिया के कप्तान भी थे। रोहित शर्मा को 2022 में टेस्ट प्रारूप का नियमित कप्तान बनाया गया था। तब से लेकर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे तक वह क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में टीम इंडिया के कप्तान रहे। 2024/25 ऑस्ट्रेलिया दौरा ही उनकी आखिरी टेस्ट सीरीज साबित हुई। हालांकि, एक जनवरी 2024 के बाद से रोहित का इस प्रारूप में फॉर्म बेहद खराब रहा था। उन्होंने इस दौरान 14 टेस्ट की 26 पारियों में 24.76 की साधारण औसत से 619 रन बनाए। इसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल है। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में रोहित ने तीन मैचों की छह पारियों में 15.17 की औसत से 91 रन बनाए। वहीं, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन टेस्ट की पांच पारियों में हिटमैन 6.20 की औसत से 31 रन ही बना पाए। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि चयनकर्ता ने उन्हें आगामी इंग्लैंड सीरीज के लिए नहीं चुनने के बारे में बता दिया था।

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विराट कोहली - फोटो : ANI
2024/25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: विराट कोहली ने लिया संन्यास
विराट कोहली ने सोमवार 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया। बोर्ड चाहता था कि 36 साल के कोहली इंग्लैंड दौरे पर टीम के साथ जाएं, लेकिन इस दिग्गज बल्लेबाज ने सबसे लंबे प्रारूप को अलविदा कहने का मन बना लिया था। कोहली का प्रदर्शन पिछली दो टेस्ट सीरीज में बेहद खराब रहा था और इन दोनों सीरीज में टीम इंडिया को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड ने पिछले साल भारत आकर टीम इंडिया को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। इस सीरीज में कोहली तीन मैचों की छह पारियों में 15.50 की औसत से 93 रन बनाए थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोहली पांच मैचों की नौ पारियों में 190 रन बना पाए थे। इसमें एक शतक शामिल है। कोहली ने पर्थ में पहले टेस्ट में ही शतक लगाया था। इसके बाद आठ पारियों में वह केवल 90 रन बना सके। कोहली आठ बार आउट हुए और इसमें से सात बार वह ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर छेड़छाड़ करते हुए आउट हुए। इस तरह ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद एक और दिग्गज खिलाड़ी के टेस्ट करियर पर विराम लग गया।

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कुंबले और द्रविड़ - फोटो : BCCI
इन नौ खिलाड़ियों के अलावा भी कुछ ऐसे भारतीय दिग्गज हैं, जिन्होंने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को या इस प्रारूप को अलविदा कह दिया। दोनों के बीच यह सीरीज भारतीय सरजमीं पर खेली गई। अनिल कुंबले, सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने भारत में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। हालांकि, कुंबले, धोनी और अश्विन से जुड़ा एक संयोग भी है कि तीनों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के तीसरे टेस्ट के बाद ही संन्यास लिया।

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गांगुली और कुंबले - फोटो : BCCI
2008 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: अनिल कुंबले और सौरव गांगुली ने लिया था संन्यास
2008 में ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारत का दौरा किया था। यह सीरीज भी भारत के दो दिग्गजों के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज साबित हुई। अनिल कुंबले और सौरव गांगुली ने इसी सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। कुंबले ने दिल्ली में खेले गए तीसरे टेस्ट और गांगुली ने नागपुर में खेले गए चौथे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इन दोनों का क्रिकेट को छोड़ना कई फैंस के लिए भावुक कर देने वाला पल था।
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सहवाग - फोटो : PTI
2013 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी: वीरेंद्र सहवाग का आखिरी टेस्ट मैच
सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को 2015 में अलविदा कहा था। हालांकि, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2013 में घरेलू जमीन पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज सहवाग की आखिरी टेस्ट सीरीज साबित हुई। इस सीरीज का दूसरा टेस्ट यानी हैदराबाद में खेला गया मुकाबला सहवाग के टेस्ट करियर का आखिरी मुकाबला रहा। अपने आखिरी टेस्ट में कोहली ने छह रन की पारी खेली थी। इसके बाद शिखर धवन की टीम में एंट्री हुई थी।
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