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विराट कोहली का खुलासाः हमेशा नेट्स में लगता है अनजाना सा डर

Fri, 23 Aug 2019 06:37 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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विराट कोहली
वेस्ट इंडीज के दिग्गज बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स के साथ बातचीत के दौरान टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में खुलासा किया है। कोहली मैदान पर काफी आक्रामक नजर आते हैं, लेकिन आपको हैरानी होगी कि वह नेट्स पर अभ्यास के दौरान डरते हैं। सर विवियन रिचर्ड्स के साथ बातचीत के दौरान विराट ने खुद ही यह जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें नेट प्रैक्टिस काफी असुविधाजनक लगती है। बीसीसीआई ने इस इंटरव्यू के विडियो का दूसरा पार्ट शुक्रवार को पोस्ट किया। 
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विराट कोहली विवियन रिचर्ड्स - फोटो : सोशल मीडिया
विराट ने कहा कि, 'मैंने यह बात कई बार अनुभव की, जहां पिच तेज और उछाल भरी होती थी, नेट्स में भी जब आप खेल रहे होते हो, तो मुझे भरोसा है कि आप प्रैक्टिस पर नहीं जाते होंगे और यूं ही बल्लेबाजी अभ्यास करते होंगे। उन्होंने कहा कि, 'आप इस भरोसे से प्रैक्टिस करते होंगे कि मैं अपने गेंदबाजों के साथ खेलूंगा, खड़ा रहूंगा और आउट नहीं होकर लौटूंगा। एक भी गेंद किनारे से नहीं लगेगी और हर गेंद को बल्ले के बीच (मिडिल) से हिट करूंगा।' 
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विराट कोहली और विवियन रिचर्ड्स - फोटो : सोशल मीडिया
रिचर्ड्स ने कहा कि, 'यही मेरी सोच है, आप जाते हैं और आउट होने से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन मैंने हमेशा नेट्स में अपने लिए एक अनजाना सा डर देखा और मैं कभी खुलकर नहीं खेल सका। इस पर विराट ने जवाब दिया, 'यही बात मेरे साथ भी नेट प्रैक्टिस के दौरान होती है, मैं भी सोचता हूं कि ऐसा कैसे हो सकता है और इसी वजह से मैंने सेंटर विकेट पर खेलने को प्राथमिकता दी जो गेंदबाजों के खिलाफ खुला रहे और उसमें फील्डर भी हों ताकि मैं मैच की तरह सोच सकूं।' 

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virat kohli
कैप्टन कोहली ने प्रैक्टिस के दौरान ‘दिमाग में वहां की परिस्थितियों को लेकर खाका तैयार करने’ पर जोर देते हुए कहा इसने 2014-15 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी सफलता में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘2014 के बाद, मैं इंग्लैंड गया था और वह दौरा काफी बुरा रहा था इसके बाद ऑस्ट्रेलिया का दौरा था जो और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में दिमाग में दौरे की योजना बनाने से मुझे काफी मदद मिली।’ 
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उन्होंने कहा कि, ‘दौरे से तीन महीने पहले ही मैंने सोचना शुरू कर दिया था कि मुझे किन गेंदबाजों का सामना करना हैं और उनके खिलाफ अपना प्रभुत्व कायम करूंगा। मैंने सोच लिया था कि उन पर दबाव बनाऊंगा, क्योंकि मैंने दिमाग में जो योजना तैयार की थी उस पर विश्वास था।’ 
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