रुण की मिस्ट्री गेंद को ट्रेविस हेड पढ़ने में नाकाम रहे और बड़े शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में मार बैठे। हेड का आउट होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप, 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 टी20 विश्व कप में अहम रन बनाए थे।
साल 2021 की बात है, भारतीय टीम विराट कोहली की अगुआई में काफी उम्मीदों के साथ टी20 विश्व कप खेलने गई थी। इस टूर्नामेंट के लिए वरुण चक्रवर्ती का चयन किया गया था और उन्हें आईपीएल में शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला था। वरुण को मिस्ट्री स्पिनर के नाम से प्रमोट किया गया। हालांकि, यह स्पिनर न तो पाकिस्तान के खिलाफ और न ही न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में प्रभाव छोड़ने में कामयाब हो सका। नतीजा भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई। उस टूर्नामेंट में वरुण तीन मैच खेले, लेकिन एक भी विकेट नहीं ले सके थे। इसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। हालांकि, तीन साल तक कठिन परिश्रम, घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने पिछले साल टी20 में जबरदस्त वापसी की और अब वनडे में भी कमाल कर रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में भारत को जिस बल्लेबाज का सबसे ज्यादा डर था, उसे वरुण ने अपने पहले ही ओवर में पवेलियन भेज दिया। वरुण ने ट्रेविस हेड को शुभमन गिल के हाथों कैच कराया।
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वरुण की मिस्ट्री को नहीं पढ़ सके हेड
वरुण की मिस्ट्री गेंद को हेड पढ़ने में नाकाम रहे और बड़े शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को हवा में मार बैठे। हेड का आउट होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप, 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 टी20 विश्व कप में अहम रन बनाए थे। वरुण चक्रवर्ती की अब हर तरफ चर्चा हो रही है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में अब तक बेहतरीन गेंदबाजी की है। चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने पांच विकेट झटके थे। 2024 में वापसी के बाद से वरुण ने 15 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 38 विकेट झटके हैं। हालांकि, उनकी वापसी आसान नहीं रही है। 2021 में वापसी के बाद से उन्होंने अपनी तकनीक और एप्रोच में काफी बदलाव किए। टीम मैनेजमेंट के समर्थन ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।
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वापसी को लेकर क्या बोले वरुण
वापसी के बाद खुद 33 वर्षीय वरुण ने इस बारे में बयान दिया था। उन्होंने कहा था- 'मैं साइड स्पिन करने वाला गेंदबाज हुआ करता था, लेकिन अब मैं पूरी तरह से ओवर स्पिन करने वाला गेंदबाज बन गया हूं। यह स्पिन गेंदबाजी का एक सूक्ष्म तकनीकी पहलू है, लेकिन इसमें महारत हासिल करने में मुझे दो साल से अधिक का समय लगा। मैंने तमिलनाडु प्रीमियर लीग और आईपीएल में इस तरह से गेंदबाजी शुरू की। इसके लिए मुझे मानसिक पहलू पर भी काम करना पड़ा। इस तरह की गेंदबाजी करने का सबसे प्रमुख पहलू तकनीकी पक्ष होता है।' वरुण को 2022 और 2023 में आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया जिसने उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। जब उनकी टीम में वापसी हो गई तो यह उन्हें पुनर्जन्म जैसा लग रहा था।
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इस चीज ने वरुण को किया प्रेरित
वरुण ने कहा, 'जब भी किसी टीम की घोषणा होती थी तो मुझे ऐसा लगता था मेरा नाम उसमें क्यों नहीं है। मैं उसके बारे में सोचता रहता था। इसने मुझे और अधिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। मैंने ठान ली थी कि मैं वापसी करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोडूंगा। इसलिए मैंने अधिक से अधिक घरेलू क्रिकेट में खेलने को प्राथमिकता दी और इससे मुझे मदद मिली।' वरुण ने कहा, 'निश्चित रूप से तीन साल काफी कठिन रहे। मैंने इस बीच अधिक से अधिक क्रिकेट खेली। मैंने घरेलू लीग में भी खेलना शुरू किया और इससे निश्चित तौर पर मुझे अपना खेल समझने में मदद मिली।' वरुण पिछले साल आईपीएल चैंपियन बनने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का हिस्सा थे। हाल में भारत के मुख्य कोच का पद संभालने वाले गंभीर भी तब इस फ्रेंचाइजी टीम से जुड़े हुए थे और मेंटर थे।
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वापसी में गंभीर की भी अहम भूमिका
राष्ट्रीय टीम में वापसी के संदर्भ में वरुण ने बताया कि इसमें गंभीर की भूमिका अहम रही। उन्होंने कहा, 'हां हम बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में खेल रहे थे और वह टीम के कोच थे। हमने निश्चित तौर पर काफी बातचीत की और उन्होंने मेरी भूमिका को लेकर काफी स्पष्टता प्रदान की। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं 30-40 रन भी लुटा देता हूं तो कोई बात नहीं। आपको केवल विकेट लेने पर ध्यान केंद्रित करना है और टीम में आपकी भूमिका यही है। इस तरह की स्पष्टता से मुझे निश्चित तौर पर वापसी करने में मदद मिली।'
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दुबई में खेलने को लेकर नर्वस थे वरुण
वरुण ने चैंपियंस ट्रॉफी का अपना पहला मैच दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला। यह वही मैदान है जहां 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप के मुकाबले में उन्हें काफी मार पड़ी थी। इस मैदान पर फिर खेलने के बारे में वरुण ने अपना अनुभव साझा किया और कहा- '2021 में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था, लेकिन अब अच्छा लग रहा है। मैं पहले स्पैल से पूर्व नर्वस था। दिमाग में बार बार यही चल रहा था क्योंकि इसी मैदान पर तीन साल पहले वह सब हुआ था।' उन्होंने कहा, 'बार बार जज्बात उमड़ रहे थे और मैं उन्हें अनदेखा करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद विराट भाई, रोहित और हार्दिक ने मुझे कहा कि शांत रहो। वे बार बार आकर मुझसे बात कर रहे थे जिससे काफी मदद मिली।' उन्होंने कहा, '50 ओवरों के प्रारूप में गेंदबाजी अलग होती है। मुझे दो साल विजय हजारे ट्रॉफी खेलकर अच्छा अनुभव हो गया। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि कब इनकमिंग गेंद डालनी है और कब आउटगोइंग। कब सीधे डालनी है और कब टॉप स्पिन । यह टी20 से बिल्कुल अलग है।'
अक्षर ने वरुण की मिस्ट्री का राज बताया
अक्षर पटेल ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के बाद साथी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की तारीफ की थी। उन्होंने कहा, 'वरुण को श्रेय जाता है। टी20 विश्व कप 2021 उनके लिए अच्छा अनुभव नहीं था, लेकिन इसके बाद उन्होंने वापसी की और उनका मानसिक कौशल दिखाता है कि वह अब पूरी तरह तैयार हैं। मुझे लगता है कि वह टी20 में अपने प्रदर्शन को वनडे में भी जारी रख रहे हैं।' अक्षर ने साथ ही यह भी बताया कि कौन सी खासियत उन्हें एक मुश्किल गेंदबाज बनाता है। अक्षर ने कहा, 'उनके हाथ को पढ़ना बहुत मुश्किल है और जिस गति से वह गेंदबाजी करते हैं उस पर खेलना बहुत मुश्किल है। इसलिए मुझे लगता है अगर कोई बल्लेबाज (लाइन) चूक जाता है, तो आउट होने की संभावना अधिक होती है। वह फ्लाइट भी तेजी से कराते हैं।'