पृथ्वी शॉ के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने शनिवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से मात देकर चौथी बार विश्व चैंपियन बना। न्यूजीलैंड के माउंट माउंगानुइ में खेले गए इस मुकाबले में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216 रन पर ही ढेर हो गई।
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने इसे सिर्फ 39 ओवर में ही हासिल कर लिया। भारत की इस धमाकेदार जीत के मुख्य हीरो रहे दिल्ली के मनजोत कालरा। उन्होंने इस दवाब वाले मुकाबले में 102 गेंदों पर 101 रन की नाबाद पारी खेली। इसके अलावा भी कई ऐसे खिलाड़ी रहे, जिसके योगदान के बिना शायद भारत यह चौथी बार चैंपियन न बन पाता। आइए जानते हैं उन 5 कारणों के बारे में जिसकी वजह से भारत बना विश्व विजेता...
विज्ञापन
2 of 6
अंडर-19 टीम इंडिया
- फोटो : Twitter
टीम इंडिया की इस जीत का सबसे बड़ा कारण उसके गेंदबाज रहे। इस मैच में पृथ्वी शॉ द्वारा लगाए सभी पांचों गेंदबाजों को सफलता मिली। ईशान पोरेल, शिवा सिंह, अनुकूल रॉय ओर कमलेश नागरकोटी ने दो-दो विकट झटके जबकि शिवम मावी को एक विकेट मिला। इन गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर कंगारू बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा, जिसके कारण वह बड़ा स्कोर खड़ा करने पाने में नाकाम रहे।
विज्ञापन
3 of 6
पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा
- फोटो : Twitter
टीम इंडिया को यह मैच जीतने के लिए मजबूत शुरुआत की जरुरत थी। इस काम को कप्तान पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा ने बखूबी किया। हालांकि शॉ 29 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन कालरा एक छोड़ पर अंत तक टिके रहे और नाबाद 101 रन की पारी खेली। कालरा को उनकी इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
4 of 6
हार्विक देसाई
- फोटो : File
कालरा के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज हार्विक देसाई ने टीम इंडिया को मजबूत प्रदान की और अंत तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया। पृथ्वी शॉ के आउट होने के बाद उप-कप्तान शुभमन गिल तेजी से रन बनाने के चक्कर में 31 के निजी स्कोर पर उपल की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए। इसके बाद आए देसाई ने धैर्य से खेलते हुए नाबाद 47 रन बनाए।
विज्ञापन
5 of 6
अंडर-19 ऑस्ट्रेलियन टीम
- फोटो : File
कंगारू टीम की कमजोर गेंदबाजी और फील्डिंग भी टीम इंडिया की जीत का मुख्य कारण बना। ऑस्ट्रेलिया के कई फील्डरों ने न सिर्फ इस मैच में कैच छोड़े बल्कि रन आउट करने के भी मौकों को गंवाया। उनकी कमजोर गेंदबाजी के सामने कोई भी भारतीय बल्लेबाज कभी परेशानी में नजर नहीं आया।
टीम इंडिया की इस जीत का सबसे बड़ा कारण राहुल द्रविड की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। बीते 9 महीनों से द्रविड की टीम को तैयार कर रहे थे, जिसका फल उन्होंने आज मिला।